और इस तरह होता रहा देश के सबसे ऊंचे तिरंगे का अपमान

झारखंड में रांची के पहाड़ी मंदिर में पिछले कई दिनों से आधा झुका और बुरी तरह फटा हुआ तिरंगा देखा जा रहा था। गुरूवार दोपहर को जारी एक बयान में बताया गया कि तिरंगे को सुरक्षित उतार लिया गया है।

पिछले कई दिनों से इस विशाल तिरंगे झंडे को लेकर विवाद चल रहा था, क्योंकि ये विशाल तिरंगा आधा झुक गया था और फट भी गया था। 23 जनवरी को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इस तिरंगे को फहराया था। उस समय दावा किया गया था कि यह दुनिया का सबसे ऊंचा और बड़ा तिरंगा है।

पहाड़ी मंदिर ट्रस्ट के सुनील माथुर ने गुरूवार की सुबह बीबीसी को बताया था कि तिरंगे को उतारने के लिए मचान बनाने का काम पूरा हो गया। उनका कहना था कि कड़ी धूप के कारण मज़दूरों को काम करने में परेशानी हो रही है, क्योंकि तिरंगे को ऊपर की तरफ से खोला जाना था, इसलिए मचान को उससे कुछ ऊंचा बनाना ज़रूरी था।

इससे पहले तिरंगे के अपमान के विरोध में पहाड़ी मंदिर के पास के सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। इसके ख़िलाफ़ राष्ट्रीय युवा शक्ति नामक संगठन के सदस्य तीन दिनों से अनशन पर भी बैठ गए थे, गुरुवार शाम बुद्धिजीवियों की एक टीम इसके लिए कैंडल मार्च भी निकालने वाली थी।

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