कठुआ गैंगरेप मामले में मुफ्ती सरकार ने तीन पुलिसवालों को किया बर्खास्त

ब्यूरो रिपोर्ट समाचार टूडे

 

कठुआ गैंगरेप मामले में महबूबा मुफ्ती सरकार ने तीन पुलिसवालों को बर्खास्त कर दिया है। ये तीनों पुलिसवाले कठुआ की आठ साल की बच्ची के गैंगरेप और मर्डर केस में आरोपी थे। इस बीच कठुआ के रसाना गांव में आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में मुख्यमंत्री ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के लिए जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रामालिंगम सुधाकर को पत्र लिखा है, ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री चाहती हैं कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में नियमित न्यायधीश हों जो इस मामले की लगातार सुनवाई करते हुए इसे ज्यादा से ज्यादा 90 दिनों में पूरा कर दोषियों को कठोर दंड दें। कठुआ मामले में ऐक्शन में आई महबूबा सरकार ने इस मामले में आरोपी सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इनमें दत्ता और तिलक राज पर सबूत मिटाने जबकि दीपक खजुरिया पर बच्ची के अपहरण, गैंगरेप और मर्डर में शामिल होने का आरोप है। उधर, बार असोसिएशन कठुआ (बाक) ने गैंगरेप और हत्या के आठ आरोपियों का मुफ्त में मुकदमा लड़ने का अपना प्रस्ताव भी वापस ले लिया है। उसका यह फैसला उस वक्त आया है जब दो दिन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने की वकीलों की कोशिश पर गंभीरता से संज्ञान लिया था और कहा था कि इस तरह से बाधा डालने से न्याय व्यवस्था प्रभावित होती है। इस बीच दिल्ली में 2012 में गैंगरेप का शिकार हुई निर्भया के अभिभावकों ने कठुआ रेप के मामले में दोषी को फांसी की सजा देने की वकालत की है। उधर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा है कि पार्टी ने दोनों मंत्रियों चौधरी लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गंगा के त्यागपत्र मंजूर कर लिए हैं। इन्हें मुख्यमंत्री के पास भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने दो मंत्रियों का त्यागपत्र लेकर जम्मू कश्मीर के ही नहीं बल्कि देश के लोगों में गलतफहमी दूर कर दी है।

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com