मऊ में चलती बस में गैंगरेप का सनसनीखेज खुलासा

मऊ जिले में चलती बस में हुए गैंगरेप के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस खुलासे ने एआरटीओ विभाग और पुलिस विभग दोनों की पोल खोलकर रख दी है। जिस बस में महिला के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था उस बस की जिले में परमिट ही नही है। इस बस की परमिट केवल वाराणसी जिले तक ही है जो 1 अप्रैल 2017 में समाप्त हो चुकी है। जिस बस में घटना हुई है उसका नम्बर UP 62 T 0843 जौनपुर में दर्ज है। सूत्र से एआरटीओ विभाग के द्वारा जो डाटा मिला है उसमे इस बात का जिक्र साफ तौर पर किया गया है। आप खुद भी इस फुटेज में देख सकते है कि जो डाटा हमारे पास मौजूद है उसमे साफ लिखा है कि परमिट वाराणसी तक ही है और 1 अप्रैल 2017 को परमिट समाप्त हो चुकी है। जब हमने इस मामले में एआरटीओ विभाग से पूछा तो उसने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस भी अपनी नौकरी बचाने में जुटी है। अब सवाल ये है कि बिना परमिट की गाडी मऊ में दाखिल कैसे हुई, क्योकि जिस स्थान पर घटना हुई वहां पर पहुंचने के लिए दो थाने से गुजरना होता है। इसमें पहला थाना घोसी कोतवाली और दूसरा मधुबन थाना है। लेकिन पुलिस और आरटीओ विभाग को इससे मतलब नही है…उन्हें तो बस अपने हफ्ते से मतलब है। कहना गलत नहीं होगा, जितने जिम्मेदार वो चारों बलात्कारी हैं, उससे कहीं ज्यादा पुलिस और एआरटीओ विभाग वाले हैं।

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com