आदर्श सोसायटी को कब्जे में ले केंद्र : SC

महाराष्ट्र के सबसे चर्चित आदर्श घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता आदर्श सोसायटी को बड़ा झटका देते हुए केंद्र सरकार को आदर्श की जमीन को अपने कब्जे में लेने के आदेश दिया है। इसके साथ ही अब आदर्श बिल्डिंग की सुरक्षा अब केंद्र सरकार की जिम्मेदारी होगी। गौरतलब है की मुंबई हाई कोर्ट ने इसी साल आदर्श सोसायटी को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे।

आदर्श सोसायटी, एक ऐसी इमारत जो भ्रष्टाचार का नींव पर खड़ी है।  इस 31 मंजिला इमारत की हर दिवार से भ्रष्टाचार की बू आती है। इस साल अप्रैल महीने में मुंबई हाई कोर्ट ने आदर्श सोसायटी को गिराने के आदेश दिए थे, लेकिन सोसायटी के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर दी।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस इमारत को अपने कब्जे में लेने के आदेश दिया है। इतनी ही नहीं इस इमारत की देख-रेख के अधिकार भी सोसायटी से छिनकर केंद्र सरकार को दे दिए हैं। 5 अगस्त तक केंद्र सरकार को इमारत को अपने कब्जे में लेना है।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से आदर्श सोसायटी को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, इस सोसायटी को उम्मीद थी की सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आपको बता दें की सबसे पहले आईबीएन7 ने इस घोटाले का खुलासा किया था।

मुंबई के पॉश कफ परेड इलाके में सेना के कुछ रिटायर्ड अधिकारीयों ने सरकारी बाबूओं और नेताओं के साथ मिलकर करगिल के विधावाओं के लिए सोसायटी बनाने के नाम पर ये भव्य इमारत खड़ी कर दी। हर स्तर पर इस इमारत के निर्माण में नियमों का उल्लंघन किया गया। इस घोटाले के सामने आने के बाद महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को अपने पद से इस्तीफा तक देना पड़ा था।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर बीजेपी ने खुशी जताई है। वहीं इस घोटाले की वजह से मुश्किल में आई कांग्रेस फिर एक बार बचाव की मुद्रा में है। चुंकि मामला कोर्ट में है इसलिए ज्यादा बात करना ठीक नहीं है, लेकिन कोर्ट का आदेश है तो इसका पालन होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक आदर्श सोसायटी को तोड़ने पर प्रतिबंध लग गया है। वहीं अब केंद्र सरकार भी इस जल्द इस इमारत को अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।

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