अलगावादियों द्वारा बुलाई गई हड़ताल के मद्देनजर रविवार को एक दिन के लिए अमरनाथ यात्रा स्थगित

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की दूसरी बरसी पर कश्मीर घाटी में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। अलगावादियों द्वारा बुलाई गई हड़ताल के मद्देनजर रविवार को एक दिन के लिए अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है। इससे करीब 1000 की संख्या में अमरनाथ यात्रियों को कठुआ में रुकना पड़ा तो वहीं 15000 से ज्यादा यात्रियों को जम्मू, उधमपुर और रामबान जिले में रोका गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य ने इस बाबत शनिवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है, उनका प्रयास तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। अलगाववादियों के हड़ताल को देखते हुए यात्रा रोकनी पड़ी। वैद्य ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता हमारी प्राथमिकता है। डीजीपी ने तीर्थयात्रियों से अपील की कि उन्हें घाटी की कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखकर सेना के साथ सहयोग करना चाहिए। वहीं, पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस महानिदेशक ने अन्य स्थानों के साथ जम्मू-कश्मीर में प्रवेश के लिए द्वार समझे जाने वाले लखनपुर रिसेप्शन सेंटर पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। वहीं, हड़ताल और शनिवार को कुलगाम में तीन आम नागरिकों की मौत के मद्देनज़र एहतियात के तौर पर कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा भी सस्पेंड कर दी गई है। हालांकि बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा पर कोई रोक नहीं है। वहीं, बुरहान वानी की बरसी पर घाटी में कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए एहतियातन कुछ पाबंदियां लगाई गई है। दक्षिण कश्मीर के त्राल कस्बे और श्रीनगर के नौहट्टा तथा मैसुमा पुलिस थाना क्षेत्रों में पाबंदियां लगाई गई हैं। बुरहान वाली त्राल का ही रहने वाला था। घाटी के शेष हिस्सों में भी लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगा दी गई हैं। वहीं, शहर की तरफ जाने वाली सभी सड़कों को सील कर दिया गया है और प्रतिबंधों को लागू करने के लिए पुलिस, सीआरपीएफ को भारी संख्या में तैनात कर दिया गया है। पूरे कश्मीर में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैन्य बलों को भी तैनात किया गया है।

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