इन खास वजहों से चुने गए अंडर- 19 टीम इंडिया में अर्जुन तेंडुलकर

विश्व क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शुमार रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भले ही क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन अब जूनियर तेंदुलकर यानी सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर आने वाले दिनों में भारत के लिए खेलते दिख सकते हैं. अठारह वर्षीय अर्जुन बाए हाथ का तेज गेंदबाज हैं और निचले मध्यक्रम में उपयोगी बल्लेबाज भी हैं. उनकी लंबाई भी काफी अच्छी है.

सूत्रों की मानें, तो अंडर 19 टीम चयन के बाद सिलेक्शन कमिटी से जुड़े एक सूत्र से जब अर्जुन के चयन पर सवाल पूछा गया तो इसकी वजह साफ हो गई। सवाल था कि आखिर अर्जुन को अंडर 19 टीम में यह मौका कैसे मिला, जबकि कूच बिहार ट्रोफी में उनका परफॉर्मेंस कुछ खास नहीं रहा था। इस ट्रोफी में विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में वह 43वें स्थान पर ही थे? 
दिलचस्प बात यह है कि अब अर्जुन तेंदुलकर पूर्व भारतीय कप्तान और मौजूदा अंडर 19 कोच राहुल द्रविड़ को रिपोर्ट करेंगे, जिन्होंने उनके पिता के साथ टीम इंडिया के लिए कई रिकॉर्ड साझेदारियां निभाई है.

बता दें कि भारतीय अंडर-19 टीम को अगले महीने श्रीलंका का दौरा करना है, जिसके लिए अर्जुन को शामिल किया गया है। भारतीय टीम जुलाई में श्रीलंका दौरे पर चार दिवसीय और वन-डे मैच खेलेगी। 18 वर्षीय ऑलराउंडर को अगले महीने दो चार दिवसीय मैचों में खेलने का मौका मिल सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अंडर 19 टीम चयन के बाद सेलेक्शन कमिटी के एक सूत्र से यह सवाल पूछा गया कि आखिर अर्जुन को अंडर 19 टीम में यह मौका कैसे मिला, जबकि कूच बिहार ट्रॉफी में उनका परफॉर्मेंस कुछ खास नहीं रहा था. इस ट्रॉफी में विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में वह 43वें स्थान पर ही थे.

देखो तो अर्जुन असली तेज गेंदबाज है, जिन्होंने 15 से ज्यादा विकेट चटकाए हैं. वहीं उनसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले ज्यादातर गेंदबाज स्पिनर हैं जिनमें से अजय देव गौड़ (33 विकेट) ही ऐसे गेंदबाज हैं जो असल में आलराउंडर हैं. वह भी मध्यम गति का गेंदबाज है जबकि अर्जुन तेज गेंदबाज हैं. हाल ही में वेस्ट और साउथ जोन के जोनल मैच में अर्जुन तेंदुलकर का परफॉर्मेंस शानदार रहा है और उन्होंने यहां एक मैच में 37 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए, जिनमें से 3 विकेट एक ही स्पेल में लिए थे. यहां अर्जुन ने शानदार परफॉर्मेंस कर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है.

द्रविड़ चाहते हैं कि 19 पार हो चुके खिलाड़ी रणजी टीम में खेलकर दूसरे सीनियर खिलाड़ियों के साथ अपने खेल को निखारें। बता दें कि अर्जुन सचिन तेंडुलकर के करीबी दोस्त सुब्रतो बैनर्जी की देखरेख में अपनी फास्ट बोलिंग की कला को निखार रहे हैं। 

 

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