मेरठ में पुलिस ने पकड़ा आर्मी का जवान, ISI को भेजता था जानकारी, पढ़े पूरा मामला

यूपी के मेरठ छावनी से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जहा सेना में नौकरी करते हुए पाकिस्तान के लिए जानकारियां जुटाने और साझा करने के आरोप में पुलिस ने सेना के एक जवान को पकड़ा है। उससे काफी कुछ जानकारियां हासिल की गई हैं और अभी और भी बहुत कुछ पता लगाने का प्रयास जारी है। 

बता दे सैनिक मेरठ छावनी में बतौर सिग्नलमैन तैनात था. आरोप है कि उसने पाकिस्तान की आईएसआई को पश्चिमी कमान बेस के तहत आने वाली डिविजन से जुड़ी तमाम जानकारियां साझा की. यह पहली बार हुआ है कि जब मेरठ छावनी से किसी जवान को जासूसी के आरोप में पकड़ा गया है.

जवान उत्तराखंड का रहने वाला है. पिछले 10 महीने यह सैनिक पीआइओ से जुड़े लोगों के संपर्क में था। पाकिस्तानी नंबर पर फोन से बातचीत होते रहने के कारण ही इसे रडार पर लिया गया। आर्मी इंटेलिजेंस को करीब तीन महीने पहले इसके करतूत की भनक लगी। फोन पर पाकिस्तान से संपर्क में रहने के साथ ही मौका मिलते ही वाट्सएप पर एंड-टू-एंड इंसक्रिप्शन के जरिए गोपनीय दस्तावेज भेजा करता था। गहन छानबीन में दस्तावेज भेजे जाने की पुष्टि होने के बाद इंटेलिजेंस विंग ने सैनिक के बारे में मेरठ छावनी स्थित सेना के सभी बड़े इस्टैबलिसमेंट्स को बताया। 

पाकिस्तान के नंबरों पर लगातार बात करने से इस पर शक पैदा हुआ था.इसके बाद ही सैनिक जांच के दायरे में आ गया. करीब 3 महीने पहले आरोपी ने जब ताजा जानकारी साझा की तब आंतरिक जांच शुरू की गई.आरोपी सैनिक तमाम जानकारी एंड टू एंड इंक्रिप्शन के जरिए भेजता था और ज्यादातर जानकारियां व्हाट्सएप पर साझा की. इस मामले में सेना के अधिकारियों ने अन्य जवानों से भी पूछताछ की है.

वही इस मामले में सेना की ओर से कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जाएगी। पकड़े गए सिपाही के अलावा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी लोगों की जांच होगी। प्राथमिक तौर पर सेना यह जानने की कोशिश कर रही है किस स्तर के अहम दस्तावेज पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को भेजे गए हैं। इंक्वायरी पूरी होने पर कोर्ट मार्शल होगा। 

पकड़ा गया जवान 10 साल से सेना में कार्यरत है और पूछताछ में कई लोगों के नाम भी लिए हैं. अब आरोपी के खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जाएगी. सेना के अधिकारियों ने अभी तक इस जवान के नाम का खुलासा नहीं किया है.

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