हाईवे कांड पर स्पेशलः ससुराल की चौखट चढ़ने से पहले ही दुनिया छोड़ गई 2 घंटे की दुल्हन मेहविश@फरहाना

मेहविश…… ये उस बदनसीब का नाम है…. जो महज 2 घंटे के लिए ही दुल्हन बन पाई और ससुराल की चौखट पर कदम रखने से पहले ही इस दुनिया ये रूख्सत हो गई….. गम-ओ-रज़ के बीच रविवार को मायके वालों ने उस बेटी को अंतिम विदाई दी…. जिसे दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मेरठ में गोली मारकर उस वक्त मौत के घाट उतार दिया गया… जब वो आंखों में हसीन सपने संजाए अपने शौहर के साथ ससुराल जा रही थी…. समाचार टुडे की टीम गाजियाबाद में दुल्हन के घर पहुंची…. जहां मायके वालों ने बताया कि मेहविश को उन्होंने शाम 7 बजे ससुराल के लिए विदा किया था…. लेकिन ठीक नो बजे उसकी मौत की मनहूस ख़बर पहुंच गई। मेहविश की मौत पर मायके वालों ने कई सवाल उठाएं हैं… जो लूट और हत्या की थ्यौरी को पूरी तरह से नकारते हुए नज़र आ रहे है…. देखिएं हमारी ये खास रिपोर्ट

गाजियाबाद के मसूरी इलाके के नाहल गांव की रहने वाली मेहविश की मौत का किसी को यकीन नहीं हो पा रहा है। मेहविश की मां का कहना है कि कुछ घंटे पहले ही जिस बेटी को दुल्हन के लिबास में शौहर के साथ विदा किया था…. मैं कैसे मान लूं कि अब वो इस दुनिया में नहीं है? 

जी हां…. कफन में लिपटी दुल्हन मेहविश के घर का ये वो सच है… जिसे देखकर किसी का भी कलेजा मुंह में आ जाए…. शुक्रवार रात बदमाशों ने मेहविश को मेरठ हाईवे पर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया… हालांकि पुलिस और ससुराल वालों की थ्यौरी….. शुरूआती दौर में लूट के बाद हत्या कह रही है….. लेकिन परिवार वालों का इशारा कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है….. उनका कहना है कि ये सिर्फ लूट के बाद हत्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ और राज छिपा है। परिवार वाले इशारों में मेहविश के ससुराल वालों पर ही आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर दुल्हन को गोली मारी गई, तो उसके शौहर ने उसे बचाने की कोशिश क्यों नहीं की? उसके शौहर और गाड़ी में मौजूद उसकी ननद पर किसी ने हमला क्यों नहीं किया? आरोप है कि घटना होने के बाद ससुराल वाले मेहविश की लाश को अस्पताल में लावारिस छोड़ कर चले गए। परिवार वालों का ये भी आरोप है कि विदाई के वक्त ससुराल वाले दहेज का सामन भी छोड़कर चले गए थे। 

मायके वालों की माने तो मसूरी के नाहल में रहने वाला उनका गरीब परिवार 9 भाई बहनों का है। जिसमें सबसे बड़े भाई के बाद दूसरे नंबर पर सबसे बड़ी मेहविश थी। जिसकी शादी मुजफ्फरनगर के मिमलाना रोड निवासी शाहवेज के साथ हुई थी। परिजनों ने ये भी बताया कि ये शादी शाहवेज के बहनोई ने तय कराई थी, जो कि नाहल गांव में ही रहता है। परिजन बार-बार एक ही बात को दोहरा रहे हैं कि बदमाशों ने केवल मेहविश को ही क्यो चुना…. जबकि कार के अंदर दूल्हे समेत उसकी दो बहनें और अन्य लोग भी मौजूद थे। 

मायके वालों के मुताबिक, मेहविश पिलखुआ के एक मदरसे में आठवीं क्लास तक पढ़ी थी। वो घर से बाहर भी नकाब लगाकर जाती थी…. इसलिए एकतरफा मोहब्बत अथवा अफेयर के एंगल को भी परिवार फिलहाल पूरी तरह से नकार रहा है। 

बहरहाल… इस मामले में पुलिस के हाथ खाली है…. और पुलिस तमाम एंगल्स पर जांच कर रही है… लेकिन एक सवाल हर किसी के जेहन को कौंध रहा है कि नई नवेली दुल्हन की हत्या के पीछे की असल वजह क्या है? क्या वाकई में वो वारदात का शिकार हुई है या फिर किसी गहरी साजिश का शिकार…. खैर ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि मेहविश की हत्या के पीछे क्या राज छिपा है…. वैसे अब देखने वाली बात ये होगी कि पुलिस के हाथ कब तक मेहविश के कातिलों के गिरेबान तक पहुंचते हैं?

समाचार टुडे के लिए गाजियाबाद से सीमा गुप्ता की रिपोर्ट

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