26 November 2020 , Thursday
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रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
वाराणसीः देवउठनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने गंगा में किया स्नान

वाराणसीः देवउठनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने गंगा में किया स्नान...

25 नवंबर यानी आज देवउठनी एकादशी है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया साथ ही उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में तुलसी विवाह भी मनाया जाएगा। तुलसी विवाह से लोगों के घरों में शादी-विवाह जैसे विशेष आयोजन शुरू होते हैं। बताया जाता हैं कि चार महीनों के बाद भगवान विष्णु योगनिद्रा से उठते हैं। देव उठनी एकादशी एक वार्षिक त्योहार है जो हिंदू समाज के लोगों द्वारा दुनिया भर में मनाया जाता है। बता दे कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है. वहीं कार्तिक की एकादशी तिथि शुक्ल पक्ष तुलसी से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि इस दिन उनका विवाह भगवान विष्णु के स्वरुप शालिग्राम से किया जाता हैं। देवउठनी एकादशी के दिन भक्त आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं। इस दिन देवउठनी एकादशी की कथा सुनने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है।...

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रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
मथुराः 30 दिनों बाद राधा के गांव पहुंची ब्रजयात्रा

मथुराः 30 दिनों बाद राधा के गांव पहुंची ब्रजयात्रा...

कृष्ण की नगरी मथुरा में ब्रज मंडल के विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में राधारानी ब्रजयात्रा को धराधाम से शुरू किया गया। राधारानी ब्रजयात्रा में इस बार कोरोना के कारण 500 यात्रियों के साथ 30 दिनों तक निरंतर भगवान का जाप करते हुए ब्रज परिक्रमा संपन्न कर गहवरवन राधा सरोवर पर संकल्प कर यात्रा का विसर्जन किया। वही ब्रजयात्रा के बरसाना पहुचने पर कस्बावासियों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। नृत्यगान में सरावोर यात्री पुष्प माला, दुपट्टा, विविध रंग की चूँनरियों से आच्छादित सबका मन मोह रहे थे। बता दे कि कामवन से चलकर राधारानी ब्रजयात्रा कण्व ऋषि के गांव कंनबड़ा, नागाजी की तपस्थली कदम खंडी और सुदेवी सखी के गांव सुनहरा होते हुए बरसाना पहुची। इसके पश्चात चित्रा सखी के गांव में भी ब्रजयात्रा का भव्य स्वागत हुआ।...

12 hours ago 642 ने देखा
रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
अयोध्याः पंचकोसी परिक्रमा लगा रहे श्रद्धालु

अयोध्याः पंचकोसी परिक्रमा लगा रहे श्रद्धालु...

राम नगरी अयोध्या में चौदहकोसी परिक्रमा के साथ कार्तिक मेले के पहले पड़ाव का समापन हो गया है। अब बुधवार भोर 4 बजकर 11 मिनट से पंचकोसी परिक्रमा शुरू हो गई हैं। इस परिक्रमा को लेकर रामनगरी की धार्मिक परिधि में उत्साह नजर आ रहा है। राममंदिर निर्माण शुरू होने के बाद होने जा रही पहली पंचकोसी परिक्रमा को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है। जानकारी के मुताबिक पंचकोसी परिक्रमा अयोध्या के 15 किमी. की परिधि में होती है। इस परिक्रमा में स्थानीय लोग पूरे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। ये परिक्रमा देवउठनी एकादशी को होती है। इसके अलावा भी हर एकादशी को भी रामनगरी में पंचकोसी परिक्रमा करने का विधान है। पंचकोसी परिक्रमा करने से शरीर के जो पाप हैं वो नष्ट हो जाते हैं।...

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रिपोर्ट : स्निग्धा श्रीवास्तव
प्रोड्यूसर | नोएडा
तुलसी विवाह के दौरान इन बातों का जरूर रखें ध्यान

तुलसी विवाह के दौरान इन बातों का जरूर रखें ध्यान...

नई दिल्ली। हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहते हैं। शास्त्रों में इस एकादशी का बड़ा महत्व बताया गया है। इस एकादशी को देवोत्थान और देव प्रबोधिनी एकादशी के नाम से जाता है। देव उठनी एकादशी में तुलसी विवाह का खास महत्व होता है। एकादशी तिथि आज यानी 25 नवंबर से शुरू होकर 26 नवंबर को समाप्त होगी। धर्म के अनुसार, तुलसी विवाह के दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी माता का विवाह विधि-विधान के साथ किया जाता है... – घर में लगी हुई तुलसी को नियमित रुप से जल देना चाहिए, और संध्या के समय दीपक जलाना चाहिए। – भगवान विष्णु की पूजा में किसी भी तरह से तामसिक चीजों का प्रयोग वर्जित माना गया है। इसलिए जहां पर भी तुलसी का पौधा लगा हो वहां पर कभी मांस मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। – तुलसी का पौधा कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए. ये आपके लिए अशुभफलदायक हो सकती है. तुलसी के पौधे को हमेशा पूर्वोत्तर या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए. – तुलसी को हमेशा गमले में ही लगाना चाहिए. मान्यता है कि जमीन पर लगा हुआ तुलसी का पौधा अशुभ फल देता है. – तुलसी के पत्तों को बिना आवश्यकता के नहीं तोड़ना चाहिए. अगर आपने घर में तुलसी का पौधा लगाया है, तो उसकी सही से देखभाल करना जरूरी होता है....

13 hours ago 748 ने देखा
रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
प्रतापगढ़ः रामलीला समिति की तरफ से निकाली गई शोभायात्रा

प्रतापगढ़ः रामलीला समिति की तरफ से निकाली गई शोभायात्रा...

प्रतापगढ़ के पट्टी कस्बे में मेला आयोजक श्रीरामलीला समिति की ओर से कोरोना संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों का पालन करते हुए परंपरागत तरीके से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शामिल भव्य झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। वनवासी राम-लक्ष्मण, हनुमान एवं लंका की अशोक वाटिका में बैठी सीताजी आदि की झांकियां निकाली गईं। गाजेबाजे के साथ निकली शोभायात्रा के दौरान प्रभु श्रीराम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। झांकियों का दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कोरोना संकट के कारण 22 से 24 नवंबर तक प्रस्तावित ऐतिहासिक दशहरा मेला का आयोजन स्थगित कर दिया गया है। परंपरा के निर्वहन के लिए रविवार को रायपुर रोड के चमन चौराहा से जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए भगवान श्रीराम की सेना लंका विजय को निकली तो कस्बा राममय हो गया। शोभायात्रा में दूर तक झांकियों से दिव्य छटा बिखरी। ये अद्भुत दृश्य देखने के लिए कस्बे के लोग अपनी-अपनी छत पर खड़े दिखाई दिए।...

16 hours ago 251 ने देखा
रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
अयोध्याः शिव मंदिर के जीर्णोद्धार का हुआ शिला पूजन

अयोध्याः शिव मंदिर के जीर्णोद्धार का हुआ शिला पूजन...

अयोध्या में राम नगर कालोनी स्थित शिवालय परिवार के शिव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें विधायक वेदप्रकाश गुप्ता मुख्य यजमान रहे और शिवालय परिवार द्वारा वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ भूमि पूजन किया गया। पूजन अर्चन के साथ कार्यक्रम संपन्न कराया गया। महंत राम दास नाका हनुमान गढ़ी एवं महंत गणेश राय ने बताया कि अक्षय तृतीया के पावन दिन से कार्य अक्षय होता है यानी वो पूर्ण ही होता है और भगवान शिव का ये मंदिर भी अपनी भव्यता को प्राप्त करेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से हिन्दू योद्धा, महेश मिश्र सिंधी समाज के पार्षद ओम अंदानी, आसुदा राम समेत आदि भक्त मौजूद रहे। सभी लोगों ने हवन यज्ञ में अपना पूर्ण सहयोग दिया। और शिव मंदिर में अपना पूरा योगदान देने की बता कही।...

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रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
मथुराः गोपाष्टमी कार्यक्रम में पहुंची साध्वी ऋतंभरा

मथुराः गोपाष्टमी कार्यक्रम में पहुंची साध्वी ऋतंभरा...

मथुरा में गोपाष्ठमी के मौके पर ब्रज में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, ब्रज में गौशालाओं में गौ माता का पूजन और आरती की गई, साथ ही संस्कृति कार्यक्रमों के माध्यम से गाय के संबर्धन पर जोर दिया गया। वही गोवर्धन के गाँव पारसोली स्तिथ सूर श्याम गौशाला में गोपाष्ठमी पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने साध्वी ऋतंभरा भी पहुँची, जहां साध्वी ऋतंम्भरा ने अपने संबोधन में कहा कि सभी ग्रामीणों के यहां गाय होनी चाहिए जिससे रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव से बचा जा सकें, उन्होंने गाय के गोबर और मूत्र से भारत की धरती को सींचने की भी बात कही, ऋतंभरा ने कहा कि कोरोना हमको कह रहा है कि प्रकृति का शोषण न करो। बता दे कि इस दौरान एकल ग्राम योजना के तहत महिलाओं द्वारा गाय की आरती एवं पूजा अर्चना की गई, साथ ही रासलीला और भजनों के माध्यम से गौमाता से होने वाले लाभों का बखान किया गया। वही कृष्ण जन्मभूमि मामले पर साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि पहले राम मंदिर का निर्माण संपन्न होना है बाकी बातें बाद में होंगी।...

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रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
मथुराः परिक्रमा मार्ग की हालत हुई बद से बदतर

मथुराः परिक्रमा मार्ग की हालत हुई बद से बदतर...

मथुरा में पंचकोसी परिक्रमा की बदहाली किसी से छुपी नहीं है सड़कों पर गहरे गड्ढों के बीच परिक्रमार्थी अक्षय नवमी और देवोत्थान एकादशी पर अक्षय पुण्य कमाने के लिए परिक्रमा देने निकलते हैं कार्तिक मास की अक्षय नवमी को 2 दिन शेष बचे हैं। लेकिन मथुरा की परिक्रमा मार्ग की हालत दयनीय बनी हुई है। मार्ग में गड्ढे और गंदगी फैली हुई है, कई जगह नालें और सीवर के पानी का भी जलभराव है ऐसे में अक्षय नवमी पर्व पर परिक्रमा देने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । बताया जाता हैं कि अध्यात्मिक दृष्टि से परिक्रमा देने का बहुत बड़ा महत्व है। परिक्रमा देने के लिए देश-विदेश से भक्त बड़ी संख्या में आते हैं। लेकिन नगर निगम प्रशासन की उदासीनता के कारण परिक्रमा मार्ग के हाल बदहाल है श्रद्धालु सीवर के खुदे रास्तों में से होते हुए ही परिक्रमा कर रहे हैं। अक्षय पुण्य कमाने को बदहाल मार्ग से गुजर रहे हैं।...

23 Nov 284 ने देखा
रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
अयोध्याः कार्तिक मेले को लेकर प्रशासन कर रहा अपील

अयोध्याः कार्तिक मेले को लेकर प्रशासन कर रहा अपील...

राम की नगरी अयोध्या में कार्तिक मास परिक्रमा पुरानी परंपरा है, कार्तिक मेले की शुरुआत हो गई है। परिक्रमा मेले को लेकर के जिला प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि लोग अपने घरों पर रहकर ही पास में बने मंदिरों पर परिक्रमा करें। भीड़ में आने से बचे जो व्यक्ति परिक्रमा कर रहे हैं मास्क लगाकर ओर समय-समय पर हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहे। बताया जा रहा हैं कि परिक्रमा करने वाले यात्रियों के लिए जगह जगह पर मेडिकल कैंप लगाए गए हैं जहां उसकी थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। बता दे कि राम नगरी में परिक्रमा मेले की परंपरा सदियों पुरानी है, पंचकोसी परिक्रमा भगवान राम के मंदिर के पांच कोस के भीतर की जाती है। वही तो 14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा की परिक्रमा है, लेकिन इस बार कोविड-19 को देखते हुए परिक्रमा में बाहरी श्रद्धालु को नहीं आने की अपील की जा रही हैं।...

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रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
30 नवबंर को है साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें इससे जुड़ी खास बातें

30 नवबंर को है साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें इससे जुड़ी खास बातें...

भारत में साल 2020 का आखिरी चंद्र ग्रहण इसी महीने के आखिरी दिन लगने वाला है। ये आखिर चंद्र ग्रहण 30 नवबंर को लेगा, इसी दिन कार्तिक पूर्णिमा भी है और सोमवार का दिन है। हालांकि ये चंद्र ग्रहण महज उपच्छाया मात्र होगा। साल 2020 का आखिरी चंद्र ग्रहण कुछ खास प्रभावी नहीं होगा और एक तरह से ये केवल उपच्छाया की तरह होगा। इस दौरान आपको कई तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए। इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में पड़ेगा। इसके साथ ही इस ग्रहण का असर थोड़ा बहुत सभी राशियों पर पड़ेगा। ऐसे में आप चाहें तो अपने पंडित से आप पर होने वाले प्रभाव के बारे में जान सकते हैं। ग्रहण से पहले चंद्रमा पृथ्वी की परछाई में प्रवेश करता है जिसे उपच्छाया कहते हैं। इस चंद्र ग्रहण में चंद्रमा के आकार में कोई फर्क नहीं आता है, इसमें चंद्रमा पर एक धुंधली सी छाया मात्र नजर आती है। ग्रहण प्रारंभ – 30 नवंबर दोपहर 1 बजकर 4 मिनट ग्रहण मध्यकाल – 30 नवंबर दोपहर 3 बजकर 13 मिनट ग्रहण समाप्त – 30 नवंबर शाम 5 बजकर 22 मिनट...

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रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
अयोध्याः कार्तिक मेले को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट

अयोध्याः कार्तिक मेले को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट...

रामनगरी अयोध्या में कार्तिक मेले में भीड़ नहीं आए इसके लिए जनपद की सीमाओं पर बैरियर लगा दिए गए हैं। इसके साथ ही बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वही प्रभारी एसएसपी विजयपाल सिंह का कहना है कि कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए अयोध्या की सीमाओं को बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया है। 13 जगह की सीमाओं को बैरियर से बंद किया गया है. बाहरी जो भी लोग आ रहे हैं उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय लोग ही प्रवेश कर पा रहे हैं. और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण कि अयोध्या में भीड़ नहीं हो जिससे कोविड-19 के संक्रमण से अयोध्या को बचाया जा सके।जानकारी के मुताबिक अयोध्या में स्थानीय लोग ही आईडी दिखाकर प्रवेश पा सकते हैं। कार्तिक मेले के दौरान 22 नवंबर यानी रविवार से 14 कोसी परिक्रमा है। वही 25 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा है और 30 नवंबर की रात्रि में पूर्णिमा स्नान है. इसको देखते हुए लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं। लेकिन इस बार कोविड-19 की महामारी को देखते हुए जिला प्रशासन ने देश भर के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह कार्तिक मेले के दौरान अयोध्या नहीं आए अपने घरों में रहकर ही पूजा-अर्चना करें।...

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Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
मथुराः राधा वृन्दावन चंद्र ने किया यमुना में नौक विहार

मथुराः राधा वृन्दावन चंद्र ने किया यमुना में नौक विहार...

मथुरा में भक्ति वेदांत स्वामी मार्ग स्थित वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर में आयोजित त्रिदिवसीय कार्तिक उत्सव के दूसरे दिन नौका विहार उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान राधा वृन्दावन चंद्र को नवीन पोषक धारण करा कर उन्हें मंदिर प्रांगण से चीर घाट स्थित यमुना तट पर लाया गया, जहाँ भक्तों द्वारा दिव्य पुष्पों एवं दुधिया रोशनी से युक्त नाव में विराजमान होकर राधा वृन्दावन चंद्र ने यमुना में नौका विहार किया। बता दे कि इस मौके पर कीर्तन मेला के अंतर्गत देश के विभिन्न केन्द्रों से आए भक्तों द्वारा मंदिर प्रांगण में अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया। इस उत्सव का शुभारंभ प्रातः कालीन बेला की मंगला आरती के साथ किया गया। जिसके बाद मंदिर में फूल बंगला और राधा वृन्दावन चंद्र को नवीन पोषक धारण कराकर उन्हें 56 भोग प्रदान किया गया।...

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Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
अयोध्याः कार्तिक मेले के ऊपर भी मंडरा रहा कोरोना का खतरा

अयोध्याः कार्तिक मेले के ऊपर भी मंडरा रहा कोरोना का खतरा...

अयोध्या में दीपोत्सव के सकुशल संपन्न कराने के बाद अब कार्तिक मेले की बारी है। दीपोत्सव की तरह ही कार्तिक मेले के ऊपर कोविड-19 का खतरा मंडरा रहा है। जिसको देखते हुए जिला प्रशासन ने कार्तिक मेले के आयोजन में 14 कोसी, पंचकोसी परिक्रमा और पूर्णिमा स्नान में देश के लाखों श्रद्धालुओं से अयोध्या नहीं आने की अपील की है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा का कहना है कि 20 नवंबर यानी आज रात्रि में 14 कोसी परिक्रमा का शुभ मुहूर्त है। उसके अलावा 25 नवंबर की भोर में पंचकोसी परिक्रमा का शुभ मुहूर्त है. और 29 नवम्बर की रात्रि में कार्तिक पूर्णिमा स्नान का मुहूर्त है। जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या आकर पुण्य अर्जित करते थे। इस बार कोविड-19 के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने देश भर के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अयोध्या नहीं आए। घर में ही रह कर पूजा अर्चना करें। श्रद्धालुओं को रोकने के लिए अयोध्या की सीमाओं को जिला प्रशासन ने सील करने का निर्णय लिया है।...

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रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
अयोध्याः कार्तिक मेले को लेकर साधु-संतों ने की अपील

अयोध्याः कार्तिक मेले को लेकर साधु-संतों ने की अपील...

राम नगरी में संतो ने भी देश भर के श्रद्धालुओं से कार्तिक मेले के दौरान अयोध्या नहीं आने की अपील की है। राम जन्मभूमि राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का कहना है कि कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए 14 कोसी परिक्रमा, पंचकोशी परिक्रमा, पूर्णिमा स्नान में श्रद्धालुओं को अयोध्या नहीं पहुंचना चाहिए। क्योंकि इस महामारी से बचाव ही उपाय है। एक संक्रमित व्यक्ति से कई लोग संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में परिक्रमा और मेले में सावधानी बरतना जरूरी है। आचार्य सत्येंद्र दास का कहना है कि घर में पूजा पाठ और परिक्रमा से भी पुण्य अर्जित कर सकते हैं। इसके लिए एक स्थान पर खड़े होकर सूर्य के सामने पांच या 14 बार परिक्रमा करें सूर्य की परिक्रमा करने से अयोध्या की परिक्रमा का पुण्य प्राप्त होगा। वही मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे महामारी को देखते हुए जिला प्रशासन का सहयोग करें और महामारी से बचते हुए ही कोई कार्य करें। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए अयोध्या के प्रमुख तीन मेलों पर ग्रहण लगा है। चाहे वो भगवान राम की जन्म उत्सव हो। श्रावण मेला हो या अभी जो कार्तिक पूर्णिमा स्नान मेला हो।...

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रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
वाराणसीः सूर्य को अर्ध्य देने के साथ छठ पर्व का हुआ समापन

वाराणसीः सूर्य को अर्ध्य देने के साथ छठ पर्व का हुआ समापन...

चार दिनों के कठिन व्रत का उगते हुए सूरज को अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व का समापन हुआ, भगवान भाष्कर के रश्मियो के बिखरे आभा मंडल के आधार के साथ ही व्रतीओ ने दूध से अर्घ दिया। इस दौरान वाराणसी के घाटो पर रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था, व्रती महिलायो के साथ ही परिजन भी सूर्य उदय का इंजतार करते नजर आए। भक्तों ने गाय के दूध का अर्घ्य देने के साथ अपने अपने घरो के ओर प्रस्थान किया। मान्यताओं के अनुसार, छठ के घाट पर जाना और दर्शन करने का भी विशेष महत्त्व माना जाता है लिहाजा तमाम ऐसे भक्त भी थे जो उगते सूर्य के दर्शन कर अपने मनोरथ को पूरी करने कि लालसा से पहुंचे थे।...

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