26 November 2020 , Thursday
Login  
Home -> इंटरव्यू/SPECIAL

रिपोर्ट : ज्ञानेश वर्मा
ब्यूरो हेड | लखनऊ
औचक निरीक्षण मे अफसरों के गैरहाजिर रहने पर यूपी के सहकारिता मंत्री ने दिया सख्त संदेश

औचक निरीक्षण मे अफसरों के गैरहाजिर रहने पर यूपी के सहकारिता मंत्री ने दिया सख्त संदेश...

लखनऊ। यूपी मे सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की कुल 323 शाखायें हैं। जिसमे से 10 के नतीजे नही आये हैं। जिसमे से 313 शाखाओं मे बीजेपी ने जीत हासिल कर भविष्य के संकेत दिये हैं। भाजपा के लिये ये नतीजे और इसलिये अहम हैं क्योंकि पहली बार इन चुनावों मे पार्टी ने इस तरह की बड़ी और एकतरफा जीत हासिल की है। हाल ही मे यूपी के मुख्य सचिव सहकारिता भवन स्थित आयुक्त एंव निबंधक कार्यालय पंहुचे थे। जंहा उन्हे 90 फीसदी से अधिक कर्मचारी गैरहाजिर मिलें। खास बात ये रही की मुख्य सचिव के औचक निरीक्षण मे मुख्यालय के कई बड़े अफसर भी अनुपस्थित मिलें। जिनका एक दिन का वेतन काटने समेत विभागीय कारवाई करने का आदेश देते हुये उपस्थिति रजिस्टर कब्जे मे लेने के आदेश भी मुख्य सचिव ने दिये। फिलहाल सहकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने समाचार टुडे को एक साक्षात्कार दिया है। जानिये क्या कहा है उन्होंने... सहकारिता चुनाव मे मिली जीत, हमे किसानों के और करीब ले जायेगी- यूपी मे कार्यरत सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की 313 सीटों पर जीत हासिल करने के बाद हम किसानों के लिये कृषि उपकरण, सिंचाई, दुग्ध उत्पादन और फारेसेट्री जैसे व्यवसायों के लिये मदद करने मे ज्यादा सक्षम होंगे। अभी तक कुछ ऐसे लोग भी रहें। जिन्हे किसानो की समस्याओं से कोई सरोकार नही रहा। चुनाव के नतीजों के बाद इसमे बदलाव आयेगा। सभापति-उपसभापति के चुनाव इसी महीने मे- सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की प्रबंध समितियों और सामान्य सभा के चुनाव मे अवध के 65 सीटों मे से 63,काशी के 38 मे से 33, गोरखपुर की 34 सीटों मे से 30 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है। ये निर्वाचित प्रतिनिधि 14 डायरेक्टर का चुनाव करेंगे।इसके लिये 16 सितम्बर से नामांकन शुरू होंगे। वहीं 22,23 सितम्बर को प्रबंध कमेटी के सदस्यों का चुनाव होगा। जिसमें सभापति और उपसभापति के चुनाव शामिल हैं। इसके बाद सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की प्रबंध कमेटी पर बीजेपी का कब्जा हो जायेगा। लापरवाहों को सख्त नसीहत- यूपी के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी ने कहा की इस साल विभाग 97 करोड रूपये के शुद्ध मुनाफे मे है। जो पिछले वर्षों मे लगातार कर्ज और घाटे मे डूबा रहता था। ये सब कुछ कर्मचारियों की मेहनत का ही नतीजा है। मगर कुछ अफसर-कर्मचारी जो ईमानदारी से काम नही करना चाहते हैं। उनके खिलाफ कारवाई की जा रही है। इसके साथ ही कुछ कर्मचारियों के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की शिकायतें मिलने पर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। उन्होंने सख्त नसीहत देते हुये कहा की विभाग के अफसर अपनी कार्य शैली बदलें। अन्यथा कारवाई के लिये तैयार रहें।...

9 Sep 638 ने देखा
रिपोर्ट : ज्ञानेश वर्मा
ब्यूरो हेड | लखनऊ
प्रवासियों के मुद्दे पर जेल जाने वाले अजय कुमार लल्लू से लखनऊ में खास बातचीत

प्रवासियों के मुद्दे पर जेल जाने वाले अजय कुमार लल्लू से लखनऊ में खास बातचीत...

लखनऊ। लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के लिए बसें मुहैया कराए जाने के सवाल पर यूपी की भाजपा सरकार और कांग्रेस पार्टी आमने सामने आ गई। जिसके बाद यूपी के कांग्रेसी प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को जेल जाना पड़ा। अजय कुमार लल्लू ने अपने कैरियर की सुरुवात एक दिहाड़ी मजदूर के तौर पर की थी। यूपी के कांग्रेस के अध्य्क्ष अजय कुमार लल्लू की पहचान सड़को पर उतर कर संघर्ष करने वाले एक जमीनी नेता के रूप में रही हैं। अजय कुमार लल्लू ने अपने राजनीतिक की सुरुवात 2007 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के साथ की थी। जिसमें उंन्हे कुछ हज़ार वोट भी मिले। इस दौरान गन्ना किसानों के भुगतान, मुसहरों की बस्तियों में बदइंतजामी के मुद्दों को लेकर लगातार सड़को पर संघर्ष करते रहे। इन धरना प्रदर्शनों की वजह से इन्हें धरना कुमार के रुप में पहजान मिली । बाद में 2012 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर यूपी के कुशीनगर जिले के तमकुही राज विधानसभा से जीतकर विधानसभा पहुंचे बाद में 2017 में इन्हें दुबारा जीत मिली । लॉकडॉउन के दौरान प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचने के लिए कांग्रेस पार्टी ने योगी सरकार को 1000 बसे देने का प्रस्ताव रक्खा। हालांकि बसों में फिटनेस रजिस्ट्रेशन न होने की बात कहकर कांग्रेस के प्रस्ताव को यूपी सरकार ने मना कर दिया। इसके बाद यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए जिसके बाद उंन्हे जेल भी जाना पड़ा।...

5 Aug 727 ने देखा

© COPYRIGHT Samachar Today 2019. ALL RIGHTS RESERVED. Designed By SVT India