कर्नाटक में लंबे सियासी नाटक पर शनिवार को लगा ब्रेक, सीएम येदुरप्पा ने दिया इस्तीफा

चुनाव परिणाम के बाद लंबे सियासी नाटक पर कर्नाटक में शनिवार को ब्रेक लग गया। बहुमत परीक्षण के बजाए  मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा ने इस्तीफ दिया, इसी के साथ बीजेपी की सरकार दो दिनों में ही गिर गई. इसके साथ ये भी साफ हो गया है कि चुनाव में तीसरे नंबर पर रही जेडीएस के कुमारस्वामी कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बनेंगे। इस्तीफे से पहले बीएस येदुरप्पा ने भावुक भाषण दिया। येदुरप्पा ने कहा कि कांग्रेसजेडीएस ने जनता के साथ धोखा किया, चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ प्रचार किया और बाद एक दूसरे के साथ आ गए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 40 से 104 पर पहुंची हैं. अगर अगले पांच साल के बीच में चुनाव होते हैं तो बीजेपी 150 सीटों के साथ वापसी करेगीइस्तीफे से पहले येदियुरप्पा ने ये भी दावा किया उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी. भावुक भाषण के दौरा येद्दि ने कहा कि अगर मैं सरकार नहीं बना सका तो कोई बात नहीं मेरा जीवन लोगों की की सेवा के लिए है। येदियुरप्पा ने कहा कि अगर लोगों ने बीजेपी को 104 की बजाए 113 सीटें दी होतीं तो वे राज्य को स्वर्ग बना देते। उन्होंने कहा कि वे बीते 2 सालों से पूरे राज्य में घूम रहे हैं और इस दौरान उन्होंने लोगों का दर्द उनके चेहरों पर महसूस किया। येदि ने कहा कि वे लोगों का प्यार और स्नेह भूल नहीं सकते। उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश कांग्रेस और जेडीएस के लिए नहीं था। उधऱ, येदियुरप्पा के इसके बाद से ही कांग्रेस और जेडीएस में जश्न शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और संविधान की जीत बताया. येदुरप्पा के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस के विधायको को बंधक बनाकर रखा। लेकिन जैसे ही उन्हें मौका मिला वे गठबंधन के पक्ष में वोट करने के लिए पहुंचे। आजादज ने कहा कि बीजेपी के 104 के मुकाबले गठबंधन के पास 117 विधायकों का समर्थन है, कांग्रेसजेडीएस के एक भी विधायक ने साथ नहीं छोड़ा. बीजेपी ने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया. बीएसपी का विधायक भी बीजेपी के साथ नहीं गया। आजाद ने सुप्रीम कोर्ट का भी धन्यवाद अदा किया।

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