कॉपर प्लांट बंद होने से 32 हजार 500 नौकरियों पर पड़ा असर, तूतीकोरिन में धारा 144 लागू

तमिलनाडु सरकार ने सोशल मीडिया के जरिये अफवाह फैलने से रोकने और शांति बहाली के लिए तूतीकोरिन और उसके आसपास के तिरूनेलवेली और कन्याकुमारी जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी.

सरकार ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश प्रसारित होने का आरोप लगाते हुए एक आदेश में कहा कि ऐसे संदेशों से तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर संयंत्र के खिलाफ करीब 20 हजार लोगों की बड़ी भीड़ एकत्रित हो गई. इसका परिणाम बाद में हिंसा और पुलिस कार्रवाई के तौर पर सामने आया. गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन में तमाम एहतियात के बावजूद बुधवार को फिर से हिंसा भड़क गई थी। जिसमें एक और नागरिक की मौत हो गई जबकि 3 अन्य घायल हो गए। जिसके बाद रात 9 बजे से प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी। अभी तक तमिलनाडु हिंसा में कुल 13 लोगों के मारे जाने की ख़बर है। 

वहीं, मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि तूतीकोरिन में मारे गए लोगों के शव अगले आदेशों तक सुरक्षित रखे जाएं। उधर, तूतीकोरिन घटना के बाद शेयर बाजार में वेदांता का शेयर औंधे मुंह गिर गया। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनी वेदांता लिमिटेड की स्टरलाइट कॉपर तांबे को ढालने का काम करती है और तूतीकोरिन स्थित इस प्लांट से सालाना करीब चार लाख टन तांबा ढाला जाता है। मंगलवार को लोग इसी प्लांट को बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। 

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में विरोध-प्रदर्शन के कारण स्टरलाइट कॉपर प्लांट बंद होने से 32 हजार 500 नौकरियों पर असर पड़ा है. इनमें 3 हजार 5 सौ लोगों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है, जबकि 30 से 40 हजार नौकरियों पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ा है.

बुधवार को स्थानीय अस्पताल में प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। हिंसक प्रदर्शन में एक 22 साल के एक युवक की मौत हो गई जबकि 3 अन्य के घायल होने की खबर है। इसके बाद पूरे शहर में धारा 144 लगा दी गई है और रात 9 बजे से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। प्रशासन ने अगले 5 दिन तक इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई है। 

बता दें कि हिंसक प्रदर्शन की शुरुआत मंगलवार से हुई थी। पुलिस फायरिंग में मरने वालों की संख्या 13 तक पहुंच गई है. सेल्वास्कर नाम के एक व्यक्ति की सरकारी अस्पताल में मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा घायलों का इलाज चल रहा है.यहां तूतीकोरिन (अब थूथकुड़ी) शहर में लोग वेदांता ग्रुप की स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस में हिंसक झड़प हुई। जिसके बाद 'पुलिस कार्रवाई' में करीब एक दर्जन लोग मारे गए और 42 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं।

उधर,  मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि तूतीकोरिन में मारे गए लोगों के शव अगले आदेश तक सुरक्षित रखे जाएं। जस्टिस टी रविंद्रन और पी वेलमुरगन की अवकाश बेंच ने कहा कि राज्य सरकार 30 मई तक जवाबी हलफनामा दायर करे। तीन अधिवक्ताओं की तरफ से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया। तीनों को आदेश दिया गया कि पीड़ित परिवारों को कानूनी सहायता देने के लिए वह नियमों के तहत काम करें। याचिका में मांग की गई थी कि मृतकों का पोस्टमार्टम निजी चिकित्सकों से कराने के लिए सरकार को आदेश दिया जाए।

वेदांता ग्रुप ने तूतीकोरिन में 11 लोगों के मारे जाने की घटना पर दुख जताया है। कंपनी ने राज्य सरकार से मांग की है कि थुतूकुडी (पूर्व में तूतीकोरिन) में स्थित प्लांट में काम करने वाले कर्मियों को सुरक्षा दी जाए। उधर, तूतीकोरिन घटना के बाद शेयर बाजार में वेदांता का शेयर औंधे मुंह गिर गया। इनमें सात फीसद की गिरावट आई। बीएसई (बांबे स्टॉक एक्सचेंज) में कंपनी का शेयर 6.23 फीसद गिरकर 252.70 पर आ गया। हालांकि दिन में शेयर में 7.17 फीसद की गिरावट देखी गई। शेयर का मूल्य इस दौरान 250.15 था। एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) में कंपनी का शेयर 7.20 फीसद गिरकर 250.50 पर पहुंच गया।

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com