भीड़ ने फाड़े BJP विधायक के कपड़े II फजीहत होते देख धरने पर बैठ गए सांसद और विधायक तो अधिकारियों ने की रश्म अदायगी

कार्रवाई का डंडा चला तो प्रशासन के निशाने पर बीजेपी नेताओं से लेकर अतिक्रमण करने वाले शहर के कई व्यापारी निशाने पर आ गए। चेतावनी के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने डंडा घूमा दिया, जिसकी जद में आकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुनील तायल घायल हो गए। बस फिर क्या था… जमकर हो हल्ला हुआ। शिव चौक पर धरना-प्रदर्शन का दौर चला तो सपा नेता भी आग में घी डालने धरने पर जा पहुंचे। सपा के इस घी से बचने के लिए सांसद संजीव बालियान और विधायक कपिलदेव अग्रवाल व्यापारियों की भीड़ लेकर अतिक्रमण हटाओ अभियान की आग में झुलस रहे भगतसिंह रोड पर निकल पड़े, लेकिन उन्हे शायद ये जरा सा भी आभास नहीं था कि उन्हेंं यहां लेने के देने भी पड़ सकते हैं। गुस्साएं व्यापारियों ने सांसद और विधायक को घेर लिया… यहां तक कि अशब्द तक कह डाले और विधायक कपिलदेव अग्रवाल की गिरेबान पर हाथ डाल दिया। बामुश्किल उन्हें गुस्साएं व्यापारी से बचाया गया, लेकिन इस दौरान उनके कपड़े फट गए।

अमित सैनी (प्रधान संपादक)

मुजफ्फरनगर शहर के बीजेपी विधायक कपिलदेव अग्रवाल और सांसद संजीव बालियान को उस वक्त लेने के देने पड़ गए, जब वो रविवार की शाम व्यापारियों की दुखरी रग पर हाथ धरने भगतसिंह रोड पर जा पहुंचे….. जिला प्रशासन के महाबली और पुलिस का डंडा खा चुके व्यापारियों ने दोनों को आड़े हाथ ले लिया और दोनों को जमकर खरी-खोटी सुनाई…. इतना ही नहीं… गुस्से से आग बबूला एक व्यापारी ने तो विधायक कपिलदेव अग्रवाल की गिरेबान तक पकड़ ली और इस हाथापाई में विधायक के कपड़े तक फट गए


सांसद-विधायक के धरने पर अधिकारियों की रश्म अदायगी!

व्यापारियों की मंसा और उनका गुस्सा भांपकर सांसद संजीव बालियान और विधायक कपिलदेव अग्रवाल भी व्यापारियों के बीच धरना देकर बैठ गए…. शायद इन दोनों के पास इसके अलावा कोई रास्ता भी बाकी नहीं रह गया था… व्यापारियों की मांग पर दोनों ने डीएम और एसएसपी को मौके पर बुलाया…. हालांकि डीएम और एसएसपी ने पहले एडीएम को मौके पर भेजा, लेकिन सांसद और विधायक ने उनसे बात तक करने से इनकार करते हुए वापस लौटा दिया… जिसके बाद डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद तय हुआ कि इस मसले पर जिला पंचायत सभागार में बैठकर आराम से वार्ता की जाए और मामले का हल निकाला जाए… जिसके बाद सभी लोग जिला पंचायत सभागार के लिए रवाना हो गए।


BJP के धरने पर सपा नेता?

वहीं दूसरी तरफ… पुलिस के लाठीचार्ज के बाद शिवचौक पर एक अजीबोगरीब ही नजारा देखने को मिला… पुलिस द्वारा लतियाए गए बीजेपी नेताओं के साथ धरने पर समाजवादी पार्टी के भी कुछ नेता दिखाई पड़े… जो पुलिस और जिला प्रशासन के इस रवैये पर बीजेपी नेताओं के साथ सुर में सुर मिलाकर बोल रहे थे…. लेकिन बीजेपी के कुछेक नेताओं को शायद ये राजनीति से प्रेरित लग रहा था…. उसके पीछे एक बड़ी वजह ये भी मानी जा रही है कि जब लाठीचार्ज करने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमला शहर के खालापार में पहुंचा तो यहां तथाकथित समाजसेवियों द्वारा उनका फूलों की माला पहना स्वागत किया गया…. फूलों भरे इस स्वागत को बीजेपी नेताओं की ठुकाई से जोड़कर भी देखा जा रहा है….


'ठुकाई' के बाद BJP का धरना

आपको बता दें कि मुजफ्फरनगर में रविवार सुबह अतिक्रमण पर चलने वाला कार्रवाई का डंडा व्यापारियों और बीजेपी नेताओं पर कहर बनकर टूटा…. अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई तीखी झड़प के बाद पुलिस ने नेताओं और व्यापारियों पर जमकर लाठी भांजी। पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर व्यापारियों को बुरी तरह से पीटा…. जिसमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुनील तायल समेत कई लोग चोटिल हो गए। जिसके विरोध में व्यापारियों ने शहर के शिव चौक पर जमकर हंगामा काटा और पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। जिसकी सूचना मिलते ही पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान और शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल भी धरनास्थल पर पहुंच गए….। व्यापारियों और नेताओं को समझाने के बाद ही ये दोनों व्यापारियों के साथ भगतसिंह रोड पर पहुंचे थे…. जहां दोनों की जमकर फजीहत हुई…..


अतिक्रमण हटाना क्या गलत है?

बहरहाल…. पुलिस और प्रशासन के साथ बीजेपी नेताओं और व्यापारियों की बैठक का नतीजा चाहे जो निकले… लेकिन इतना जिस तरह से अपनी ही सरकार में बीजेपी नेताओं की पिटाई और विधायक समेत सांसद की फजीहत हुई है…. वो विचारनीय है…. इस पूरे मामले में सवाल ये भी उठते हैं कि क्या अतिक्रमण हटाना गलत है? क्या शहर से अतिक्रमण नहीं हटना चाहिए?

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