भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर की खुदकुशी

आध्यात्मिक गुरु व सामाजिक कार्यकर्ता भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली है. उन्होंने सिर में गोली मारी थी. उन्हें इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अभी तक उनकी खुदकुशी के कारण का पता नहीं चल सका है. भय्यूजी ने पहली पत्नी की मौत के बाद पिछले साल ही दूसरी शादी की थी.

जानकारी के अनुसार भय्यूजी ने खुद को सिर में गोली मारी। अभी पता नहीं चल सका है कि भय्यूजी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। अस्पताल में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। बता दें कि भय्यूजी राजनीति में गहरी पैठ रखते थे। हाल ही में शिवराज सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया था। हालांकि, उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने कहा था कि संतों के लिए पद का महत्व नहीं होता। हमारे लिए लोगों की सेवा का महत्व है। 

बता दें कि भय्यूजी ने पहली पत्नी की मौत के बाद पिछले साल ही दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी माधवी से उनकी एक बेटी भी है। पत्नी की मौत के बाद भय्यूजी पर आश्रम की ही किसी महिला के साथ कथित तौर पर संबंध का आरोप भी लगा था। उन्होंने पिछले साल 30 अप्रैल को आयुषी नामक महिला से दूसरी शादी रचा ली थी। 

भय्यूजी राजनीति में गहरी पैठ रखते थे. हाल ही में शिवराज सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया था. हालांकि उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था. उन्होंने कहा था कि संतों के लिए पद का महत्व नहीं होता. उन्होंने कहा था कि हमारे लिए लोगों की सेवा का महत्व है. जवानी के दिनों में सियाराम शूटिंग शर्टिंग के लिए पोस्टर मॉडलिंग करने वाले संत भय्यूजी तलवारबाजी, घुड़सवारी और खेती का काम भी करते थे। साथ ही वह फेस रीडर भी थे। 

भय्यूजी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में लोगों के बीच जाने-जाते थे, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान बनी 2011 दिसंबर में, जब उन्होंने अन्ना और सरकार के बीच बातचीत की भूमिका निभाई और अन्ना का अनशन खत्म कराया. तब महाराष्ट्र के नेता और केंद्रीय मंत्री रहे विलासराव देशमुख के कहने पर भय्यूजी मध्यस्थ बने थे.

 

 

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