FIFA: पिछले 5 वर्ल्ड कप में चौथी बार ये ‘अजीब संयोग’, जर्मनी पहले राउंड में बाहर द. कोरिया ने 2-0 से हराया

मौजूदा चैंपियन जर्मनी को अपने अंतिम ग्रुप मैच में बुधवार को दक्षिण कोरिया के हाथों 0-2 से हार मिली. वह वर्ल्ड कप के पहले ही दौर में बाहर हो गई. इसके साथ ही जर्मनी की टीम के साथ एक 'अजीब संयोग' जुड़ गया.

इस हार के साथ ही विश्वकप में जर्मनी का सफर खत्म हो गया। ऐसा लगातार तीसरे विश्वकप में हुआ, जब चैम्पियन टीम पहले राउंड में ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इससे पहले 2010 में इटली और 2014 में स्पेन ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थीं।

ग्रुप चरण की बात करें, तो जर्मनी की टीम पहली बार विश्व कप के ग्रुप चरण की बाधा को पार करने में विफल रही है. जर्मनी के खिलाफ दक्षिण कोरिया ने दोनों गोल इंजरी टाइम में किए। उधर, ग्रुप एफ के ही दूसरे मैच में स्वीडन ने मैक्सिको को 3-0 से हराकर 12 साल बाद आखिरी 16 में जगह बनाई।

दोनों टीमों ने मैच की तेज शुरुआत की। साउथ कोरिया ने मैच का पहला मूव बनाया लेकिन सफलता नहीं मिली। वर्ष 2010 के सेमीफाइनल में स्पेन के खिलाफ 0-1 की हार के बाद यह पहला विश्व कप मैच में जिसमें जर्मनी ने थॉमस म्यूलर को शुरुआत एकादश में जगह नहीं दी। जर्मनी को चौथे मिनट में फ्री किक मिली लेकिन टोनी क्रूज हाफ लाइन के करीब से शॉट लेते हुए कुछ कमाल नहीं कर सके। 

दक्षिण कोरिया के खिलाफ जर्मनी ने विश्व कप में अब तक कुल 3 मुकाबले खेले हैं। दो में जर्मनी और 1 में दक्षिण कोरिया ने जीत हासिल की है। इससे पहले दक्षिण कोरिया को जर्मनी के खिलाफ सिर्फ 2004 में खेले गए एक मैत्री मैच में जीत मिली थी। जर्मनी ने उसे 1994 विश्व कप में 3-2 और 2002 के सेमीफाइनल में 1-0 के अंतर से हराया था। इतना ही नहीं किसी एशियाई टीम के खिलाफ विश्व कप में ये जर्मनी की पहली हार है। इससे पहले 3 मुकाबलों में जर्मनी ने एशियाई टीमों को एक भी गोल नहीं करने दिया था।

जर्मनी ने अंतिम लम्हों में कई अच्छे मूव बनाए लेकिन उसके स्ट्राइकर गोल करने में नाकाम रहे। कोरिया ने इस बीच इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में किम यंग ग्वोन की बदौलत गोल किया लेकिन रेफरी ने उन्हें ऑफ साइड करार देकर इसे नकार दिया। ग्वोन ने छह गज की दूरी से गेंद को गोल में पहुंचाया था।

हालांकि इसके बाद वीएआर का सहारा लिया और वीडियो रेफरी ने इसे गोल करार दिया। चार मिनट बार सोन हियुंग मिन ने एक और गोल दागकर कोरिया की 2-0 से जीत सुनिश्चित की। इसके बाद 1934 और 1938 के वर्ल्ड कप में नॉकआउट फॉर्मेट को अपनाया गया. 1950 में फिर से ग्रुप चरण का फॉर्मेट लागू कर दिया गया, हालांकि जर्मनी उस वर्ल्ड कप (1950) से प्रतिबंधित रही. जर्मनी की टीम 1954 से लगातार वर्ल्ड कप खेल रही है. और पहली बार 2018 में वह ग्रुप चरण पार करने में सफल नहीं हुई.

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