जीएसटी मे भी कर लिया 34000 करोड़ का घपला

जुलाई-दिसंबर के बीच जीएसटी नेटवर्क में फाइल रिटर्न्स का प्राथमिक विश्लेषण करने पर संदेह पैदा हो रहा है कि कारोबारियों ने 34,000 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी छिपा ली है।यह मुद्दा शनिवार को आयोजित जीएसटी काउंसिल मीटिंग में उठा। अब उन कारोबारियों को नोटिस भेजा जा सकता है कि जिन्होंने जीएसटी रिटर्न्स- 1 और जीएसटीआर- 3बी में अलग-अलग देनदारी बताई है। जीएसटीआर- 1 का इस्तेमाल अभी मुख्य रूप से सूचना के मकसद से हो रहा है। 
एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन लोगों पर विशेष जोर दिया जाना है जिन्होंने दोनों रिटर्न फाइलिंग्स में बड़ा अंतर रखा है। कई मामलों में व्यक्तिगत करदाताओं की विस्तृत जानकारी का विश्लेषण करने के बाद परिणाम को राज्यों के साथ साझा किया जाएगा ताकि 'संदेहास्पद' लोगों पर कार्रवाई की जा सके। लेकिन, संदेह का सिर्फ यही कारण नहीं है। सीमा शुल्क विभाग ने रिटर्न्स के आंकड़े का विश्लेषण करने के बाद बताया है कि आयातित उत्पादों की कीमत बहुत कम बताई गई है। एक अधिकारी ने उदाहरण दिया कि हो सकता है 10,000 रुपये के मोबाइल फोन की कीमत 7,000 रुपये दिखाई गई हो। अधिकारियों को संदेह है कि ऐसा हर पायदान पर कम जीएसटी चुकाने के मकसद से किया गया। दरअसल, जीएसटी कलेक्शन अनुमान से लगातार कम रहे हैं क्योंकि सरकार टैक्स चोरी रोकने के विभिन्न पहलुओं को लागू करने में असफल रही है। इनमें खरीद-बिक्री की कीमत का पता लगाने के लिए इनवॉइस मैचिंग और फैक्टरियों से शोरूम तक सामान के पहुंचने की पूरी गतिविधि पर नजर रखने के लिए ई-वे बिल्स जैसे पहल शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई बिजनसमेन को लगा कि सरकार जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर- 3बी का मिलान नहीं करनेवाली। इस वजह से भी कारोबारियों ने दोनों में अलग-अलग आंकड़े भरे। हालांकि, टैक्स कंस्लटंट्स का कहना है कि दोनों में अंतर के उचित कारण भी हो सकते हैं क्योंकि टैक्स पेमेंट के वक्त कई महीनों से जमा इनपुट टैक्स क्रेडिट का इस्तेमाल मौजूदा अवधि के क्रेडिट के साथ किया जाता है। 
इनकम टैक्स रिफंड (Income Tax Refund-ITR) भरने के लिए आपको इनकम और इन्वेस्टमेंट्स पर बहुत माथापच्ची करनी पड़ती है। टैक्स कैल्कुलेटर (Income Tax Calculator) की मदद से यह काम बेहद आसान हो जाता है। आपकी इसी परेशानी को समझकर हम इनकम टैक्स न्यूज (Income Tax News),  नए टैक्स स्लैब (Income Tax Slab) से जुड़ीं खबरों के साथ-साथ ऑनलाइन टैक्स कैल्कुटर (Online Income Tax Calculator) भी मुहैया कर रहे हैं। यहां आप मामूली जानकारियां साझा करके ऐक्चुअल इनकम टैक्स की गणना कर सकते हैं।

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