यूपी में कथित रूप से गरीबी और फाकाकशी से जूझ रही एक महिला ने अपनी बेटी के साथ जहर खाकर की खुदकुशी

यूपी में कथित तौर पर भूख से एक और मौत का मामला सामने आया है। मामला बरेली जिले के विशारतगंज क्षेत्र का है। यहां कथित रूप से गरीबी और फाकाकशी से जूझ रही एक महिला ने अपनी बेटी के साथ जहर खाकर खुदकुशी कर ली। हालांकि प्रशासन इसे भूख से मौत मानने से इनकार कर रहा है।

आंवला तहसील क्षेत्र के अतरछेड़ी गांव में राजवती अपनी अपनी बेटी रानी के साथ रहती थी। शराब के चक्कर में सब कुछ गंवा चुका राजवती का पति कुछ साल पहले जोगी बनकर कहीं चला गया था..वहीं, बेटा भी शादी के बाद अपनी पत्नी के साथ कहीं बाहर चला गया था। तीन बेटियों में से दो बेटियों की शादी हो चुकी थी। लेकिन छोटी बेटी रानी मानसिक रूप से कमजोर थी। घर में कमाने वाला कोई नहीं था और न आय का कोई दूसरा साधन था…राजवती और उसकी बेटी की जिंदगी गरीबी और आर्थिक तंगी के साये तले गुजर रही थी। जब जीना दुश्वार हो गया तो पहले बेटी को जहर खिलाया और फिर खुद भी ज़हर खा लिया। राजवती की मौके पर ही मौत हो गई…जबकि बेटी रानी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गांव वालों का कहना था कि मां-बेटी के पास खाने के लिए कुछ नहीं था और उनकी मौत भूख की वजह से हुई है।

हालांकि हमेशा की तरह जिला प्रशासन भूख से मौत होने से इनकार कर रहा है। डीएम का कहना है कि राशन कार्ड निरस्त होने के बाद भी कोटेदार नियमित रूप से परिवार को राशन देता था…और उनके घर में चूल्हा भी जल रहा था।

डीएम साहब का कहना है कि आधार कार्ड नहीं होने के कारण महिला का राशन कार्ड निरस्त हो गया था। लेकिन डीएम साहब यह भी कह रहे हैं कि मृतका को कोटेदार नियमित रूप से राशन दे रहा था। लेकिन जब राशन कार्ड ही निरस्त हो गया था…तो राजवती को राशन कहां से मिल रहा था…किस आधार पर मिल रहा था…इसका जवाब शायद डीएम साहब के पास नहीं था।

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