भारत अब नही कहलाएगा विकासशील देश, वर्ल्ड बैंक ने किया विकासशील देशो की श्राणी से बहार

वर्ल्ड बैंक ने भारत को विकासशील देश की लिस्ट से हटा दिया है, भारत अब विकासशील देश नहीं कहलाएगा. विश्व बैंक ने भारत और दुनिया के सभी देशों को उनकी कमाई के आधार पर वर्गीकृत किया है. अब भारत को 'लोअर मिडिल इनकम' वाले देशों में शामिल किया गया है. वर्ल्ड बैंक के इस परिवर्तन के बाद से भारत अब विकासशील देश की श्रेणी में नहीं रहा, यानी कि भारत अब लोअर मिडिल इनकम कैटेगरी में गिना जाएगा। जिसमें जांबिया, घाना, ग्वाभटेमाला, पाकिस्तालन, बांग्लादेश और श्रीलंका को गिना जाता है।

नए वर्गीकरण के मुताबिक जिन देशों का ग्रॉस नेशनल इंकम (प्रति व्यक्ति) 1,045 डॉलर से कम है उन्हें लो इनकम देश या अर्थव्यवस्था कहा जाएगा. वहीं जिन देशों में ये आय 1,046 डॉलर से लेकर 4,125 डॉलर के बीच रहती है उन्हें लोअर मिडिल इनकम देश कहा जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ल्डे बैंक ने अर्थव्यवस्था के बंटवारें की श्रेणियों के नामों में परिर्वतन किया है। वर्ल्ड, बैंक के डाटा साइंटिस्ट तारिक खोखर ने बताया कि हमारे वर्ल्ड डेवलपमेंट इंडिकेटर्स पब्लिकेशन में हमने लो और मिडिल इनकम वाले देशों को विकासशील देशों के साथ रखना बंद कर दिया है।

उनहोंने बताया कि विश्लेरषणात्मक उद्देश्य से भारत को लोअर मिडिल इनकम अर्थव्यवस्था में रखा जा रहा है। हमारे सामान्य कामकाज में हम विकासशील देश की टर्म को नहीं बदल रहे हैं। लेकिन जब स्पेशलाइज्ड डाटा देंगे तो देशों की सूक्ष्म श्रेणी का प्रयोग करेंगे।

वर्ल्ड बैंक की ओर से कहा गया है कि मलावी और मलेशिया दोनों विकासशील देशों में गिने जाते हैं। लेकिन अर्थव्यवस्था की दृष्टि से देखें तो मलावी का आंकड़ा 4.25 मिलियन डॉलर है जबकि मलेशिया का 338.1 बिलियन डॉलर है। नए बंटवारे के बाद अफगानिस्तारन, नेपाल लो इनकम में आते हैं। रूस और सिंगापुर हाई इनकम नॉन ओईसीडी और अमेरिका हाई इनकम ओईसीडी कैटेगिरी में आता है।

बता दें कि नई श्रेणियों को निर्धारण वर्ल्ड बैंक ने कई मानकों के आधार पर किया है। इनमें मातृ मृत्यु दर, व्यापार शुरू करने में लगने वाला समय, टैक्स कलेक्श‍न, स्टॉक मार्केट, बिजली उत्‍पादन और साफ-सफाई जैसे मानक शामिल हैं।

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