भारत में प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख कैंसर के नये मरीज: डॉ धीरज सिन्हा

पिनाकल होटल में वर्ल्ड नो टोबैको डे के मौके पर बोल रहे थे

रांची, भारत में प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख कैंसर के नये मरीज चिन्हित होते हैं। वहीं कैंसर से प्रतिवर्ष पांच लाख मौते होती हैं। मंगलवार को यह बातें कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ धीरज सिन्हा ने कहीं। वह पिनाकल होटल में वर्ल्ड नो टोबैको डे के मौके पर बोल रहे थे। वर्ल्ड नो टोबैको डे 31 मई को मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक 2035 में यह संख्या 12 लाख हो जायेगी। उन्होंने कहा कि कैंसर बहुत ही भयावह बीमारी है। समय रहते अगर इसका इलाज कराया जाये, तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुरुषों के फेफड़े और मुख में और महिलाओं के गर्भाशय और स्तन में कैंसर होता है।

 झारखंड में प्रतिवर्ष 40 हजार माउथ कैंसर से पीड़ित मरीज हैं

अगर तंबाकू बंद हो जाये, तो प्रतिवर्ष 3.5 लाख की आबादी कैंसर मुक्त हो जायेगी। प्रत्येक वर्ष तंबाकू के उत्पाद और विक्रय रोजगार एवं आमदनी 3.5 अरब डालर है। सरकार लगभग साढ़े तीन अरब रुपये रेवेन्यू कमाती है। उन्होंने कहा कि कैंसर बीमारी का इलाज संभव है। माउथ कैंसर के उचित उपचार से 60 प्रतिशत रोगी ठीक हो सकते हैं। रेडियम अस्पताल में अब तक कुल 1200 मरीजों में से 300 मरीजों को ठीक किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि 600 मरीजों का इलाज कर कैंसर को नियंत्रित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि लोग कैंसर के प्रति जागरुक हों और समय समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच कराकर डॉक्टर की सलाह लें। इस अवसर पर डा. ऋषिराज, अमिता सिन्हा, कैंसर फाउंडेशन के प्रेसिडेंट पंकज सिन्हा, प्रवीण कुमार झा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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