कर्नाटक चुनाव: फिर बदली सत्ता

कर्नाटक विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में बीजेपी ने अच्‍छी बढ़त ले ली है. बीजेपी ने 100 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है और बहुमत की ओर बढ़ रही है. कांग्रेस के सीएम सिद्धारमैया बदामी और चामुंडेश्वरी दोनों सीटों पर संघर्ष कर रहे हैं.  शुरुआती रुझानों में कांग्रेस काफी पीछे चल रही है.

कर्नाटक के चुनाव के बाद हुए लोकसभा के चुनाव के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा जैसे पड़ोसी राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भी भाजपा ने डंका बजाया और तीनों राज्यों में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जीत हासिल की। इस जीत का असर कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में भी साफ नजर आएगा। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि कर्नाटक की सीमा के साथ लगती महाराष्ट्र की सांगली, यवतमाल, नांदेड़ साऊथ, कोल्हापुर व कोल्हापुर की सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार जीते हैं और कांग्रेस कर्नाटक की सीमा के साथ लगती इन विधानसभा सीटों पर चुनाव हार गई। हालांकि गोवा में कर्नाटक की सीमा के साथ लगती 2 सीटों पर कांग्रेस ने चुनाव जरूर जीता लेकिन 2 सीटें वह हासिल नहीं कर सकी।

शुरुआती रुझानों में बीजेपी को 113, जबकि कांग्रेस को 62 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है. जेडीएस को 44 सीटों पर बढ़त है. 2 सीट अन्‍य के खाते में जा रही है. 224 सीटों वाली राज्य विधानसभा की 222 सीटों पर पड़े मतों की गिनती मंगलवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई.

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं. 222 सीटों पर पड़े मतों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हुई है. इस चुनाव में एक ओर जहां सिद्धारमैया और बीएस येदियुरप्पा के बीच कुर्सी की लड़ाई है, वहीं दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रतिष्ठा भी इससे जुड़ी हुई है.

कर्नाटक में शनिवार को मतदान खत्म हो गया और इसी के साथ एग्जिट पोल्स का प्रसारण शुरू हुआ था. राष्ट्रीय और क्षेत्रीय टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है.

दरअसल एक्जिट पोल ने भी त्रिशंकु विधानसभा का इशारा किया था और सरकार बनाने में जेडीएस की भूमिका का जिक्र किया था। 12 मई शाम को प्रसारित आठ  में से 6 पोल ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के तौर दिखाया है, जबकि सात पोल्स ने त्रिशंकु विधानसभा के आंकड़े दिखाए हैं, जिसमें किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. इन पोल्स की माने तो कर्नाटक में देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस किंगमेकर बन सकती है. एग्जिट पोल में जेडीएस को 20 से 40 सीटें मिलती दिख रही है.

बता दें कि 224 सीटों की विधानसभा में 222 सीटों के लिए शनिवार को वोट डाले गए. बेंगलुरु की राज राजेश्वरी नगर में 28 मई को वोट डाले जाएंगे. इसके साथ ही जयनगर सीट के लिए भी चुनाव बीजेपी उम्मीदवार की मौत के चलते टाल दिया गया है.

वहीं बात करें तो कर्नाटक के पिछले 5 चुनावों का विश्लेशण किया जाए तो पता चलता है कि राज्य में हर 5 साल बाद सत्ता परिवर्तन हो जाता है। 1994 में कर्नाटक में जनता दल की सरकार थी और 1999 के अगले चुनाव में ही राज्य की जनता ने जनता दल को नकार कर कांग्रेस को सत्ता सौंप दी। 2004 के चुनाव में कांग्रेस भी सत्ता से बाहर हो गई और भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी व राज्य में जे.डी.एस. व भाजपा की मिली-जुली सरकार बनी। यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी और 2008 में राज्य में हुए चुनाव के दौरान भाजपा 110 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी और राज्य में सरकार बनाई। 2013 में कर्नाटक की जनता ने ऐसी पलटी मारी कि 110 सीटों वाली भाजपा को 40 सीटों पर ला पटका और 122 सीटों के साथ कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में आ गई। मजेदार बात यह रही कि जनता का फैसला इतना एकतरफा था कि भाजपा के 110 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।

एबीपी-सी वोटर, न्यूजएक्स-सीएनएक्स, रिपब्लिक-जन की बात और न्यूज नेशन एग्जिट पोल्स ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दिखाया है. इनके अलावा क्षेत्रीय चैनल दिग्विजय-विजयवाणी ने भी अपने सर्वे में बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दिखाया.

 

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