केन-बेतवा समझौते के एमओयू पर जल्द होगें हस्ताक्षर

25 साल से लंबित चल रहे केन-बेतवा समझौता को लागू कराना योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। जो काम पिछले25 साल में कांग्रेस, सपा-बसपा नहीं कर सकी उसे  योगी सरकार ने कर दिखाया। यह कहना है प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह का। सिंचाई मंत्री शुक्रवार को फैजाबाद में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। सिंह ने कहा कि केन-बेतवा समझौता उत्तरप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल से शुरू हुआ था। 25 साल बाद इस समझौते को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री नितिन ग़डकरी की मौजूदगी में अमलीजामा पहनाया गया। इसके एमओयू पर जल्द ही हस्ताक्षर होगा। धर्मपाल सिंह ने कहा कि केन बेतवा नदी का पानी 75% पानी मध्य प्रदेश और 22% पानी उत्तर प्रदेश को मिलेगा जबकि 3% पानी रिजर्व रखा जाएगा। यही नहीं सिंचाई मंत्री ने कहा कि प्रदेश की विलुप्त हो रही नदियों को भी जलमग्न करने के लिए प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है। इसके लिए 8  पौराणिक नदियों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि फैजाबाद की तमसा नदी, प्रतापगढ़ की सई नदी, बस्ती की मनोरमा नदी, गोरखपुर की रावी नदी, लखनऊ सुल्तानपुर जौनपुर की गोमती नदी, वाराणसी की वरुणा नदी, बरेली की आवी नदी और बदायूँ की शोंक नदी को जल्द जलमग्न किया जाएगा। इन नदियों का धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से महत्व है। लेकिन यह नदियां पानी के अभाव में विलुप्त हो रही थी। प्रदेश सरकार इनका जीर्णोद्धार जल्द करेगी।

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