फ्री राशन के लिए किरण बेदी ने रखी अनोखी शर्त !

ब्यूरो रिपोर्ट समाचार टूडे

आईपीएस अधिकारी से राजनेता बनी पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी एक बार फिर विवादित बयान और आदेश देते हुए कहा है कि जो गांव खुले में शौच से मुक्त नहीं हो पाए हैं, वहां के लोगों को मुफ्त चावल नहीं दिया जाएगा. जहा सरकार गरीबो को मुफ्त में राशन देने का काम कर रही है वही किरण बेदी अपने बयान से विवादों में आ गई है

उन्होने कहा की राज्य में मुफ्त चावल योजना का लाभ करीब आधी जनसंख्या को मिलता है. किरण बेदी ने शनिवार को घोषणा की, कि जिन गावों के लोग खुले में शौच करते हैं और खुले में कूड़ा-करकट फेंकते हैं, उनको मुफ्त चावल देना बंद कर दिया जाएगा.

उन्होंने एक बयान में यह भी कहा कि नया आदेश जून से लागू किया जाएगा. यानी इसके लिए लिए अभी चार हफ्ते का समय है. इस दौरान संबंधित प्रशासन और ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को साफ करना होगा. उन्होंने कहा, 'तब तक मुफ्त आपूर्ति होने वाले चावल को सुरक्षित भंडारगृहों में रखा जाएगा. साफ होने के प्रमाण हासिल करने वाले गांवों को ही यह वितरित किया जाएगा.

लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी ने अपने बयान में कहा, 'ग्रामीण स्वच्छता की धीमी गति देखकर मैं बहुत दुखी हूं. पिछले दो साल से मैंने किसी ऐसे जनप्रतिनिधि या संबंधित सरकारी अधिकारी में यह दृढ़ता नहीं देखी है कि एक समय-सीमा के भीतर ग्रामीण पुडुचेरी को साफ-सुथरा बनाना है.'

उन्होंने कहा कि टीम राजनिवास ने पिछले दो वर्षो के दौरान जिस तरह के प्रयास और ऊर्जा खर्च की गई उसकी तुलना में वांछित परिणाम सामने नहीं आये। ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे में  हमने पाया कि समुदाय नेता लोगों के मार्फत अपनी विभिन्न समस्याओं को सामने रखते हैं,  लेकिन मैंने यह नहीं देखा कि किसी ने ग्रामीणों को गांवों की सफाई करने के लिए प्रेरित किया हो।

गंदगी की वजह से पानी दूषित होने के कारण कई तरह की बीमारियां पनपती हैं। उन्होंने कहा, 'मैं इस बात को लेकर आशान्वित हूं की संबंधित जन अधिकारियों समेत समुदाय नेता इस दिशा में नेतृत्व संभालेंगे। मैं नाबार्ड से भी अपील करती हूं कि उन्हीं स्वयंसेवी संगठनों को सहायता दी जाये जो अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कचरा प्रबंधन को शामिल करें।

 

 

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com