जानें अब कैसे मिल जाएगा नया कनेक्शन बिना SIM बदले

दूरसंचार विभाग ने नये दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। अब ग्राहकों को मोबाइल कंपनी बदलने पर नये सिम  खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने र्इ-सिम यानी एंबेडेड सिम के प्रयोग को मंजूरी दे दी है। इसी वजह से ऐेसा संभव हो सकेगा। र्इ-सिम डिवाइस में ही इंस्टॉल कर दिया जाएगा, जिसमें सर्विस प्रोवाइडर नया कनेक्शन लेते वक्त ही डिटेल अपडेट कर देगा। यही व्यवस्था कंपनी बदलने पर भी होगी। इसमें ग्राहकों को यह भी आजादी रहेगी कि वह चाहे तो कॉलिंग की सुविधा किसी एक ऑपरेटर से ले और डाटा की सुविधा किसी दूसरे ऑपरेटर से ले सकता है।

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम यानी डॉट ने कहा कि मशीन टू मशीन (एमटूएम) औैर इंटरनेट ऑफ थिंग्स  जैसी आधुनिक तकनीकों के विकास को देखते हुए र्इ-सिम (एंबेडेड सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल) को मंजूरी देने का फैसला लिया गया है। मंजूरी के तहत सिंगल और मल्टीपल प्रोफाइल कन्फिगरेशन की सुविधा होगी, जिसमें जरूरी पड़ने पर ग्लोबल मानकों के अनुसार एयर सब्सक्रिप्शन अपडेट किया जा सकेगा। यह नर्इ गाइडलाइन रिलायंस जियो और भारती एयरटेल द्वारा र्इ-सिम सर्विस से लैस ऐपल वॉच की बिक्री शुरू करने के तीन बाद जारी की गर्इ है।

ऐपल वॉच सिरीज-3 के यूजर र्इ-सिम के जरिए स्मार्ट वॉच को अपने मोबाइल के सिम से कनेक्ट हो सकते हैं। यह सुविधा रिलायंस जियो और एयरटेल ने मोबाइल फोन या स्मार्टवॉच के जरिए उपलब्ध करार्इ है। डॉट ने प्रोफाइल अपडेशन की मंजूरी दे दी है। इसमें र्इ-सिम पर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी होगी। इससे टेलीकॉम कंपनियां किसी डिवाइस को अपने यूज के लिए लॉक नहीं कर सकेंगी। डॉट ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे र्इ-सिम पर ग्राहकों को कानूनी तौर पर नियमों के तहत सुविधाएं मुहैया कराए। साथ ही टेलीकॉम कंपनियों को इस बात के लिए भी जिम्मेदार बनाया है कि डिवाइस निर्माता कंपनियां र्इ-सिम से छेड़छाड़ न कर सकें।

इसके अलावा एक उपभोक्ता अब 18 मोबाइल कनेक्शन ले सकेगा. अभी तक यह 9 थी. डॉट ने नई तकनीक एम्बेडिड सब्‍सक्राइबर आइडेंडटी मॉड्यूल (eSIM) को मंजूरी दे दी है. इसके बाद सिंगल और मल्‍टीपल प्रोफाइल यूज वाले सिम जारी किए जा सकेंगे. ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से इसका फायदा उठा सकेंगे.

ये नियम रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के एपल वॉच 3 सीरीज को ई सिम के साथ बेचने के 5 दिन बाद आए हैं. टेलीकॉम विभाग ने इन ई सिम के इंटरसेप्शन और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी कंपनियों पर डाली है. ई सिम को ईयूआईसीसी (एंबेडेड यूनिवर्सल सर्किट कार्ड) भी कहा जाता है. सबसे पहले इसका इस्तेमाल ऐपल ने शुरू किया। ऐपल ने अमेरिका में आईपेड के लिए ई सिम का उपयोग किया था.

डॉट ने कहा है कि सिम का मशीन टू मशीन कम्यूनिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। जैसे कार में पेट्रोल खत्म होने पर मोबाइल पर मैसेज आएगा। कार की खराब पुर्जों की जानकारी भी मोबाइल पर मिल सकेगी। इसके साथ ही कार चोरी, अपने परिसर की निगरानी और स्मार्टमीटर जैसे तमाम अलर्ट मोबाइल पर पा सकेंगे। इससे पहले डॉट ने सिम से मशीन टू मशीन कम्यूनिकेशन के लिए 13 डिजिट नंबर जारी करने के लिए कंपनियों को निर्देश दिए थे।

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