उत्तर प्रदेश के कैराना के बाद अब मुजफ्फरनगर में भी पलायन का मामला !

उत्तर प्रदेश के कैराना के बाद अब मुजफ्फरनगर में भी पलायन का मामला सामने आया है. यहां एक विशेष समुदाय के लोगों से तंग आकर दर्जन भर हिंदू परिवारों ने अपने मकानों के बाहर यह मकान बिकाऊ है लिखकर पलायन की बात कही है. पलायन की बात का पता चलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मचा है. पुलिस के आला अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से बात कर पलायन करने के कारणों का पता लगाया है.

दरअसल, मामला समुदाय विशेष के कुछ लोगों की गुंडागर्दी का है। जिनका डर ग्रामीणों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है। उक्त लोगों की गुंडागर्दी के कारण इससे पहलेे भी दो परिवार अपना घर-बार बेचकर गांव से पलायन कर चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन की लगातार बेरुखी ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

मामले में सिखेड़ा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का कहना है कि पुलिस थाने में आने वाली सभी शिकायतों पर कार्रवाई करती है, लेकिन अधिकांश मामलों में ग्रामीण दोनों पक्षों में समझौता करा देते हैं। अब समझौता डर से हुआ या सहमति से, इसकी शिकायत कोई पुलिस से नहीं करता, जिसके चलते इस तरह के मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित भी नहीं हो पाती। 

साध्वी प्राची ने कहा कि आखिरकार, हिंदुओं को बचाने के लिए कौन सामने आएगा? मुझे पता चला है कि निराना गांव में हिंदुओं के साथ बदसलूकी की जाती है. गांव में हिंदू महिलाओं से छेड़खानी की जाती है. पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसकी वजह से वे पलायन करने को मजबूर हुए हैं. मैं प्रशासन से कहती हूं कि 24 घंटे के भीतर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. मैं 48 घंटे बाद निराना गांव जाउंगी और फिर जो होगा देखा जाएगा. हिंदू बहन-बेटियों के साथ किसी तरह की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

वहीं, गांव निवासी अजब सिंह पुत्र बलबीर घर बेचकर यहां से पलायन कर चुका है, जबकि बाबूराम पुत्र चमनसिंह ने करीब 15 दिन पहले ही अपना मकान औने-पौने दामों में बेच दिया है, जो बहुत जल्द मकान खाली कर यहां से चला जाएगा।

बता दें, मुजफ्फरनगर के निराना गांव में वर्ग विशेष के लोगों की हरकतों से तंग आकर 10 से अधिक हिंदू परिवारों ने अपने मकानों के बाहर 'यह मकान बिकाऊ है' लिखकर पलायन की बात कही है. उन्होंने लड़कियों ने छेड़छाड़ से तंग आकर पढ़ाई तक छूट जाने की बात कही है. पलायन की बात का पता चलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस के आला अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से बात कर पलायन के कारणों का पता लगाया है. एसपी सिटी ने पलायन को मजबूर करने वाले असामाजिक तत्वों को तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए है.


ग्रामीणों की मानें तो विगत 29 जून को गांव निवासी काला की बेटी की बारात आई थी। घुड़चढ़ी के दौरान पाल समाज के अजय पाल व उसका चचेरा भाई विवेक अपने घर की छत पर खड़े बारात देख रहे थे। इसी दौरान समुदाय विशेष के दबंग वहां पहुंचे और अकारण घर में घुसकर दोनों चचेरे भाइयों पर हमला कर दिया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शहजाद, आदीश, अदनान, आमिर, मोहसिन, साहिब, तहसीन, गप्पा, कादिर, रिहान व अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोप है कि गंभीर एफआईआर दर्ज होने के बावजूद थाना पुलिस ने अब तक एक भी हमलावर को गिरफ्तार नहीं किया।

उल्टे थाने का एक दरोगा तो हमलावरों व उनके परिजनों को अपनी ही बाइक पर बैठाकर पीड़ित पक्ष के घर उन्हें ले जाकर उनके ऊपर समझौते का दबाव बनाता घूम रहा है। यही नहीं, दरोगा द्वारा पीड़ित पक्ष पर समझौता नहीं करने पर उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने तक की धमकी दे रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी यही दबंग हमलावर विगत जनवरी माह में पीड़ित अजय पाल के माता-पिता पर भी हमला कर चुके हैं। बाद में पुलिस ने इस मामले में भी समझौता ही करा दिया था।

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com