दिल्ली के एम्स में PM मोदी करेंगे 5 प्रोजेक्ट का शुभारंभ…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे एम्स में पांच प्रोजेक्ट का शुभारंभ करेंगे। इसी के साथ सफदरजंग में एम्स से ज्यादा बिस्तरों की क्षमता हो जाएगी। दरअसल, पीएम सफदरजंग के करीब 800 बिस्तर वाले सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक का उद्घाटन करेंगे। साथ ही एम्स और सफदरजंग के बीच मरीजों को लाने के लिए बनाए टनल और सफदरजंग के 700 बेड वाले इमरजेंसी ब्लॉक का औपचारिक उद्घाटन साथ ही राष्ट्रीय एजिंग इंस्टीट्यूट की आधारशिला भी रखेंगे।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि एम्स पर बढ़ते दबाव को देखते हुए दिल्ली में इसके सभी कैंपसों की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। आज 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले नेशनल सेंटर फॉर एजिंग का शिलान्यास हुआ है। ये सेंटर 200 बेडस का होगा। 

एम्स के इस विभाग में देश के वरिष्ठ नागरिकों के इलाज के अलावा शोध पर भी अलग तरीके से काम किया जाएगा. कयास लगाए जा रहे हैं कि यह विभाग 2022 तक खुल सकता है. बता दें कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में एजिंग इंस्टीट्यूट को मंजूरी दी थी.

इसके अलावा वह एम्स ट्रामा सेंटर में मरीजों के लिए तैयार धर्मशाला भी शुरू करेंगे। फिलहाल, एम्स में करीब ढाई हजार बिस्तरों की सुविधा है, लेकिन सफदरजंग में दोनों ब्लॉक शुरू होते ही यहां कुल बिस्तरों की संख्या करीब तीन हजार से ज्यादा हो जाएगी। एम्स प्रबंधन की मानें तो अभी कई प्रोजेक्ट रुके पड़े हैं। अगर केंद्र से अनुमति मिलती है तो यहां बिस्तरों की क्षमता पांच हजार से ऊपर हो सकती है

इस ब्लॉक के जनरल वार्ड में यूरोलॉजी विभाग के पलिए 40 बेड तथा आइसीयू के 30 बेड आरक्षित रहेंगे। इनमें से 10 बेड व छह आइसीयू बेड किडनी प्रत्यारोपण के लिए आरक्षित रहेंगे। यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुप कुमार ने कहा कि बेड बढ़ने से हर दिन एक मरीज का किडनी प्रत्यारोपण हो सकेगा। सप्ताह में पांच से छह मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा। अभी सप्ताह में एक मरीज का किडनी प्रत्यारोपण हो पाता है।

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के कार्डियक सर्जरी विभाग का रिकार्ड अबतक भले ही बेहतर नहीं रहा हो, मगर अस्पताल में नवनिर्मित सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक एम्स की तरह अत्याधुनिक चिकित्सा संसाधनों से सुसज्जित है। इस ब्लॉक में हृदय की बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए हाईब्रिड कैथ लैब का निर्माण किया गया है, जिसमें एंजियोप्लास्टी के अलावा जरूरत पड़ने पर मरीज की सर्जरी भी की जा सकेगी। इस तरह की सुविधा देश के चुनिंदा अस्पतालों में है।

दिल्ली में एम्स के अलावा सरकारी क्षेत्र के अन्य किसी भी अस्पताल में यह सुविधा नहीं है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि इस ब्लॉक के शुरू होने से सफदरजंग में हृदय की बीमारियों के इलाज की बेहतर सुविधा मिल पाएगी। इसके अलावा किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी भी अधिक हो सकेंगी, जिससे किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों को प्रत्यारोपण के लिए भटकने व अधिक इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

करीब 40 करोड़ की लागत से डीएमआरसी ने इसे मेट्रो टनल के ऊपर बनाया है। यह काम अक्तूबर 2015 में पूरा हुआ। बीते वर्ष ही मरीजों के लिए इसे खोल दिया गया था। ठीक इसी तरह मरीज और तीमारदारों के लिए एम्स में करीब 30 करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर के पास धर्मशाला बनाई गई है। सभी प्रोजेक्ट में सबसे खास और अनोखा नेशनल एजिंग इंस्टीट्यूट रहेगा। यह इंस्टीट्यूट एम्स के अलावा चेन्नई में भी बनेगा। इसका काम अगले दो वर्ष में पूरे होने की उम्मीद है।  

 

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