नीतीश का बयान, 2019 में बड़े भाई के जैसी होगी JDU की भूमिका

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में जेडीयू के बड़े नेताओं के साथ बैठक की. जानकारी मिली है कि ये बैठक 2019 के चुनाव को लेकर थी. जेडीयू के नेताओं ने तय किया कि लोकसभा चुनाव में बिहार में जेडीयू की भूमिका बड़े भाई की होगी. इसे बीजेपी के लिए बड़ी शर्त माना जा रहा है. आपको याद दिला दें कि पहले जब बीजेपी और जेडीयू साथ थे तो 40 में से 25 सीट पर जेडीयू के उम्मीदवार होते थे.

बता दें कि इस बैठक में शामिल होने के लिए जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी और पवन वर्मा दिल्ली से आए हुए थे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नाम पर ही एनडीए बिहार में लोकसभा का चुनाव लड़े और जेडीयू सबसे बड़ा दल है और नीतीश कुमार सबसे बड़ा चेहरा है. बैठक में चुनावी रणनीतिकार प्रशान्त किशोर भी मौजूद थे.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा, ''हम लोग एनडीए के महत्वपूर्ण पार्टनर हैं और एनडीए के बैनर के नीचे ही हम लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. जहां जहां समाजवादी आंदोलन की पहचान के केंद्र हैं, छत्तीसगढ़, राज्सथान और मध्यप्रदेश हम इन तीनों जगहों पर चुनाव लड़ेंगे. एनडीए को मजबूत करने का काम करेंगे.''

केसी त्यागी ने कहा, ''हमें नहीं लगता कि सीटों के बंटवाके को लेकर मुझे नहीं लगता कोई मतभेद हैं. नीतीश कुमार बिहार में गटबंधन के सबसे बड़े नेता हैं. उनकी लोकप्रियता का लाभ एनडीए उठाएगा. मुझे विश्वास है कि सीटों के बंटवारे को लेकर कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी. सीटों को लेकर तो अभी चर्चा भी शुरू नहीं हुई है, जब होगी तब बताएंगे.''

नीतीश कुमार के आवास पर जेडीयू महासचिव केसी त्यागी, पवन वर्मा की स्ट्रैटजिस्ट प्रशांत किशोर से लंच पर मुलाकात हुई. मुलाकात में यह तय हुआ कि देश की राजनीति में अपनी पहचान बनाने के लिए समाजवादियों को एक करने की मुहिम को आगे बढ़ाया जाए.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने विशेष राज्य के मुद्दे पर अपनी बात मजबूती से रखी थी और वित्त आयोग को पत्र लिखा था. उसके बाद रविवार को जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी और महासचिव पवन वर्मा ने सीएम आवास पर बुलाई गई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में शिरकत की

जेडीयू ने बीजेपी के सामने जो शर्त रखी है उसके मुताबिक जेडीयू बड़ी पार्टी है इस लिहाज से बड़े भाई को भूमिका में होगी. इतना ही नही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही देशव्यापी नेता हों पर बिहार में सीएम नीतीश की छवि के सहारे उनके चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा.

एनडीए में अभी ये तय नहीं हुआ है कि कितनी सीटों पर कौन पार्टी लड़ेगी? जेडीयू जब पहले बीजेपी के साथ थी तब जेडीयू 25 लोकसभा सीटों पर लड़ती थी. पटना में 7 जून को मोदी सरकार के केंद्र में चार साल होने पर एनडीए की बैठक बुलाई गई है. नीतीश का कार्यक्रम अभी तय नहीं है. बिहार में सभी की नजरें नीतीश कुमार के अलगे कदम पर टिकी हैं.

 

 

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