हनीट्रैप के जरिए लड़कों को आतंकवाद की तरफ खींच रहा था पाकिस्तान! इस तरह हुआ सनसनीखेज खुलासा

जम्‍मू-कश्‍मीर में ऑपरेशन ऑल आउट के तहत भारतीय सेना की ओर से की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से परेशान आतंकी संगठन अब युवाओं को फंसाने के लिए हनी ट्रैप का सहारा ले रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए अभियान के तहत शाजिया को बांदीपोरा से 15 दिन पहले गिरफ्तार किया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसी सोशल मीडिया साइटों पर उसके कई अकाउंट थे, जिसे घाटी में कई युवकों ने फॉलो कर रखा था।

बता दे की केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी कई महीनों से शाजिया के इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस पर पैनी नजर रखे हुए थे। वह युवाओं से चैट किया करती थी और उन्हें मुलाकात का वादा कर लुभाती थी। वह युवाओं से वादा करती थी कि जो भी उसके कंसाइनमेंट को पहुंचाएगा, वह उससे मुलाकात जरूर करेगी। 

जानकारी ये भी मिली है कि शाजिया पुलिस विभाग में भी कई अधिकारियों से संपर्क में थी। लेकिन अधिकारियों ने इसे डबल-क्रॉस की एक सामान्य रणनीति बताया है क्योंकि वह सीमा पार अपने आकाओं को भारतीय सैनिकों की आवाजाही के बारे में ऐसी सूचनाएं मुहैया कराती थी जो बहुत संवेदनशील नहीं होती थीं। इससे सुरक्षा को गंभीर खतरा था।

पूछताछ के दौरान उसने जांचकर्ताओं को आतंकवादी संगठन में मौजूद अन्य महिलाओं के बारे में भी बताया, जिन्हें युवकों को आतंकवाद की ओर आकर्षित करने का काम दिया गया है. शाजिया की गिरफ्तारी से एक सप्ताह पहले खुफिया जानकारी के आधार पर 17 नवम्बर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने असिया जान को शहर की बाहरी सीमा पर लावाय्पोरा से 20 ग्रेनेड ले जाते हुए गिरफ्तार किया था.

पुलिस उस (आसिया) पर लश्कर-ए-तैयाब के आतंकी अबु इस्माइल और छोटी कसीम के एनकाउंटर के बाद से नजर रख रही थी. इन दोनों आतंकी ने पिछले साल अमरनाथ यात्रियों पर हमला किया था, जिसमें 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. एनकाउंटर के दौरान पुलिस को कई दस्तावेज मिले थे. इन दस्तावेज में उत्तरी कश्मीर में एक महिला के जरिए हथियारों की तस्करी का जिक्र था.

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