मध्यप्रदेश की पिपरिया विधानसभा पर10 साल से बीजेपी का कब्जा, कांग्रेस जीत का स्वाद चखने को बेताब

मध्य प्रदेश के हौशंगाबाद जिले के अंतर्गत पिपरिया विधानसभा सीट पर लगभग 2 लाख 4 हजार 522 मतदाता हैं. जह क्षेत्र उन्नत खेती के लिए जाना जाता है. और इस सीट से बीजेपी के ठाकुरदास नागवंशी विधायक हैं.

सन् 2013 के चुनाव के दौरान ठाकुरदास नागवंशी ने कांग्रेस की ममता नगोतरा को 51 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. वही सन् 2008 के चुनाव की बात करें तो इस बार भी बीजेपी के ठाकुरदास नागवंशी को जीत मिली थी. उन्होंने कांग्रेस के तुलाराम बेमन को हराया था. ठाकुरदास को 51249 वोट मिले थे तो वहीं तुलाराम को 28484 वोट मिले थे. यानी कि ठाकुरदास ने 22 हजार से ज्यादा वोटों से कांग्रेस के उम्मीदवार को हराया था.

इस इलाके में फसल की बंपर पैदावार होती है, लेकिन इसके बावजूद यहां के किसान परेशान हैं. शिक्षा, विकास और रोजगार के नाम पर यह इलाका फेल है. यहां पर किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिलता है.

बेरोजगारी के कारण यहां के लोग दूसरे शहरों में जाने को मजबूर हैं. यहां पर अस्पतालों का बुरा हाल है. जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है.  कांग्रेस इन्हीं सबको मुद्दा बनाकर इस सीट को जीत की कोशिश कर रही है तो वहीं बीजेपी अपनी ये सीट बचाने के लिए प्रयास कर रही है.

वहीं बीजेपी की ओर से मौजूदा विधायक ठाकुरदास नागवंशी को टिकट मिल सकता है. यहां पर मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही होता आया है. लेकिन 2003 में अर्जुललाल पलिया  ने कांग्रेस से टिकट न मिलने पर सपा से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. लेकिन सपा क्या इस बार चुनाव में उतरेगी यह फिलहाल तय नहीं है.

मध्य प्रदेश में चुनाव होने में कम समय बचा है ऐसे में सभी पार्टियों के नेता टिकट की जुगाड़ में लगे हैं. कांग्रेस में धर्मेंद सिंह और लीलाधर मेहरा टिकट के दावेदारों में सबसे आगे चल रहे हैं.

मध्य प्रदेश में कुल 231 विधानसभा सीटें हैं. 230 सीटों पर चुनाव होते हैं जबकि एक सदस्य को मनोनीत किया जाता है. 2013 के चुनाव में बीजेपी को 165, कांग्रेस को 58, बसपा को 4 और अन्य को तीन सीटें मिली थीं.

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