पीएम मोदी का जयपुर दौरा, 2100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई परियोजनाओं का तोहफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने एक दिवसीय दौरे पर जयपुर जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी राजस्थान को 2100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई परियोजनाओं का तोहफा देंगे। इस मौके पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से भी मिलेंगे। प्रधानमंत्री की इस रैली में ढाई लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। 

पीएम मोदी की सभा के लिए अलग-अलग डोम बनाए गए हैं. हर योजना के लाभार्थियों के लिए अलग-अलग रंग के बॉक्स बनाए गए हैं. तय बॉक्स में ही योजना के लाभार्थी बैठेंगे. सभा में आने वाले हर लाभार्थी को कार्ड जारी किया गया है. हर लाभार्थी को योजना के हिसाब से अलग अलग रंग के दुपट्टे भी दिए गए हैं. बाहर से आने वाले लाभार्थियों को सभा स्थल तक पहुंचाने तक के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है. सभा स्थल पर हर बॉक्स में भी मंत्री और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है

पीएम मोदी जनसभा में कुल 12 कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद भी स्थापित करेंगे। इन योजनाओं में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कौशल भारत, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, मुख्यमंत्री राजश्री योजना, भामाशाह स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना, श्रमिक कल्याण कार्ड, मुख्यमंत्री पालनहार योजना, छात्रा स्कूटी वितरण योजना और दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना शामिल हैं।

राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने 33 जिलों से लाभार्थियों को जयपुर में प्रधानमंत्री से संवाद करने के स्थान तक लाने के लिए 5579 बसें बुक की हैं जिन पर करीब 7.22 करोड़ रुपये खर्च होंगे. सरकार सभा की सफलता के लिए सभा स्थल पर पूजा-अर्चना और हवन कर रही है. बीजेपी लाभार्थियों के घर पीले चावल लेकर जा रही है.

पीएम मोदी के कार्यक्रम में करीब 2.5 लाख लाभार्थियों के जुटने का अनुमान है. इस कार्यक्रम के लिए बाकायदा जिलाधियारों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने जिले के कम से कम 10 हजार लोगों को कार्यक्रम स्थल तक ले जाने का इंतजाम करें. यहां तक कि कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे लोगों को, ताकि वह पीएम मोदी के साथ संवाद के दौरान सवालों का अच्छे से उत्तर दे सकें.

बता दें कि पिछली बार जिस तरह झुंझुनू में प्रधानमंत्री की सभा में हंगामा हुआ था उसे देखते हुए यह भी तय किया गया है कि जिन लोगों को लाभ मिला है. उनके बारे में यह पता कर लिया जाए कि वह कहीं कांग्रेस या दूसरे दलों के समर्थक तो नहीं है. इस बार राज्य सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. सभी विधायकों, मंत्रियों और सांसदों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने इलाके से आने वाले लोगों के बीच में ही बैठे. आगे की कतार में कोई भी नेता नहीं बैठेगा ताकि कोई भी पिछली बार की तरह सभा में हंगामा नहीं कर सके.

आदेश के मुताबिक लाभार्थियों को जयपुर लाने वाली बसों को 20 रुपये प्रति किलोमीटर का भुगतान किया जायेगा और इससे राजकीय कोष पर लगभग 7.22 करोड़ का खर्च होगा. अधिकतर बसें अलवर, उदयपुर और अजमेर से आने की संभावना है. अकेले जयपुर से लाभार्थियों को लाने के लिये 532 बसें चक्कर लगायेंगी.

आदेश में कहा गया है कि उज्जवला योजना के तहत पारंपरिक खाना पकाने की जगह एलपीजी सिलेंडर का आंशिक खर्चा तेल कंपनियों की ओर से वहन किया जायेगा. हालांकि एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ने इस आदेश का विरोध जताते हुए कहा कि जिला रसद अधिकारी उन पर अनुचित और अवैध मांगों का दबाव बना रहे हैं.

रैली में शामिल होने वाली जनता के लिए ठहरने और खाने-पीने का इंतजाम भी किया गया है, जिस पर भारी-भरकम खर्च किया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक हर जिले के डीएम को कम से कम 9300 लोगों को लाने का लक्ष्य मिला है. इसमें हर योजना के हिसाब से लाभ पाए लोगों की संख्या भी बताई गई है.

जिलों से पीएम आवास योजना और मुद्रा योजना के 4300 लाभार्थी, उज्ज्वला के 1500, श्रमिक कार्ड के 1500, पालनहार योजना के 1000, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य के 500, स्किल इंडिया के 300, सीएम जल स्वावलंबन के 300, भामाशाह स्वास्थ्य योजना के 250, स्कूटी वितरण के 200, तीर्थयात्रा और कृषि कर्जमाफी के 100-100 लाभार्थियों को लाने का लक्ष्य दिया गया है.

पीएम मोदी की रैली के लिए अफसर पिछले 10 दिन से तैयारियां कर रहे हैं. इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से मुफ्त में आने-जाने और खाना खिलाने की बात भी कही जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पीएम मोदी के कार्यक्रम में शामिल हो सकें. बताया गया है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोग 3 दिन तक जयपुर में ही रहेंगे.

प्रधानमंत्री के सभा स्थल के पास सवाई मान सिंह स्टेडियम में 2 हेलीपेड बनाये गये हैं. सभी संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात कर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना की चेतावनी अस्थायी नियंत्रण कक्ष को दी जा सकेगी. बता दें कि बतौर प्रधानमंत्री यह नरेंद्र मोदी का पहला जयपुर दौरा है और राज्य में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में पीएम मोदी की इस रैली का राजस्थान की राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है.

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com