रिश्तेदारी में बदलेगी सियासी परिवारो की दोस्ती

पटना से संजीव कुमार की रिपोर्ट

बिहार के दो बड़े सियासी परिवारों की मित्रता रिश्तेदारी में बदल रही है  और ऐसे में शहनाई की मधुर धुन के बीच भविष्य की सियासत पर चर्चा नहीं हो, ऐसा नामुमकिन है। राज्य के सबसे बड़े रसूखदार सियासी परिवार आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप और पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा राय की पोती ऐश्वर्य राय के वैवाहिक समारोह में राज्य और देश से जुटने वाले तमाम नेताओं को विपक्षी एकता के रूप में देखा जाने लगा है। आरजेडी के एक नेता ने बताया कि इस समारोह में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी प्रियंका गांधी सहित कई राज्यों में राष्ट्रीय एनडीए  विरोधी खेमों में शामिल उन नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है, जिनकी पहचान उनके क्षेत्रों में ‘क्षत्रपों’ के तौर पर होती है। इस बीच आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद के परोल पर छूटने के बाद इस बात की संभावना भी बढ़ गई है कि एनडीए विरोधी खेमे के नेता इस समारोह के बहाने लालू से मुलाकात करने जरूर पहुंचेंगे। राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि ‘राजनीतिक लोग कहीं बैठेंगे तो भविष्य की सियासत पर बात नहीं हो, ऐसा नहीं हो सकता। लालू को राजनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है। ऐसे में कई राजनीतिक दिग्ग्जों का यह भी मानना है कि इतने कम दिनों के परोल पर भी लालू ऐसी राजनीतिक चाल चलने में माहिर हैं, जो भविष्य में विपक्षी एकता के लिए असरकारी हो। लालू परिवार के नजदीकी एक आरजेडी नेता ने बताया, ‘तेज प्रताप की शादी के समारोह में आने वाले खास मेहमानों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, शरद यादव, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र अखिलेश यादव सहित कई वामपंथी दलों के नेता शामिल हो सकते हैं। ऐसे में तय है कि विपक्षी दल इस सुनहरे मौके पर अपनी एकता दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहेंगे।’

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