बरेली के संजयनगर में लगे ‘मेरी सबसे बड़ी भूल, कमल का फूल’ के पोस्टर

'"मेरी सबसे बड़ी भूल, कमल का फूल"….ये हम नहीं कह रहे हैं…बल्कि बरेली की जनता कह रही है…उसे ये लग रहा है कि उसने भाजपा को वोट देकर सबसे बड़ी भूल की है। उऩका ऐसा सोचना अकारण नहीं है।

दरअसल केंद्र के स्मार्ट सिटी वाले शहरों की सूची में बरेली का भी नाम है। लेकिन जिस बरेली को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना देखा जा रहा है…उसी बरेली का एक स्याह चेहरा भी है…वो चेहरा है बजबजाती नालियां…घरों के बाहर गलियों में बहता गंदा पानी…सांस रोककर गुजरते लोग…शायद यही कारण है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप 100 शहरों की सूची से बरेली बाहर है। बरेली की ये तस्वीर पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की पोल खोलने के लिए काफी है। पूरे शहर में जगह जगह आपको कूड़े के ढेर नजर आएंगे। नाली नाले चोक हैं…सड़कों पर पानी भरा है। ये हाल तब है जब केंद्र से लेकर राज्य…यहां तक कि नगर निगम तक में भगवा लहरा है। यहां के सांसद संतोष गंगवार मोदी सरकार में मंत्री हैं…लेकिन फिर भी यहां के लोगों को बदबूदार, घुटन भरे माहौल से निजात नहीं मिल पाया है। इसी बात से खफा संजयनगर के वार्ड नम्बर 16 के लोगों ने बैनर लगाया है, जिसमें लिखा है…मेरी सबसे बड़ी भूल, कमल का फूल…

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