कैदी ने लगाए जेल प्रशासन पर पैसे लेकर दवाईयां देने के आरोप

 

जेल के डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर सभी बीमारियों की एक ही दवा देते है सिर्फ पैरासिटामोल और बाकी दवाइयां बेच लेते है। अभी हाल ही में इलाज न होने से एक बंदी की बैरिक में ही मौत हो गई। बंदी का तो ये भी आरोप है कि जेल में बंदीरक्षस, डॉक्टर व स्टॉफ पैसे लेकर अपने मोबाइल से बंदियों की बात करवाते है। अगर इन सब के मोबाइल सर्विलाश में लगाकर काल डिटेल चेक कर ली जाए तो खुद ब खुद सब सामने आ जायेगा। जेल में बिना पैसे के कोई काम नही होता अगर कोई विरोध करता है तो उसको मारा पीटा जाता है। बंदी का रायबरेली की जिला जेल में इन दिनों कुछ भी ठीक नही चल रहा है। यहां पर अगर बंदियों की जेब मे पैसे है तो ठीक है, अगर नही तो उनके साथ जनवरो सा व्यवहार किया जाता है। ये बात हम नहीं बल्कि जेल में बंद, कैदी कह रहे है। जिन्हे जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। हाथों में हथकड़ी व बेड पर कराह रहे इस सख्श को गौर से देखिए इसका नाम आशुतोष मिश्रा है और यह हत्या के आरोप में यह जेल में बंद है। बीती रात इसकी तबियत बिगड़ी तो इसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बंदी का आरोप है कि उसको जेल के अंदर मारा पीटा गया, जिससे उसके सीने में दर्द बना रहता है। आये दिन पैसे न देने पर प्रताड़ित किया जाता है। बंदी ने कहना है कि पिछले 9 माह में 7 कैदियों की  मौत हो चुकी है। वही इस पूरे मामले में जब रायबरेली जेल अधीक्षक से बात की गई तो वह छुट्टी पर होने का हवाला देने लगे। वही जेलर का फोन तक नही लगा। अब इन आरोपो की कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा

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