कश्मीर में बारिश-भूस्खलन से खतरनाक हुआ अमरनाथ यात्रा का रूट,बालटाल मार्ग पर भूस्खलन से 5 श्रद्धालुओं की मौत

कश्मीर घाटी में तेज बारिश होने की वजह से अमरनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। बालटाल मार्ग पर मंगलवार शाम को भूस्खलन से पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनमें चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि बालटाल मार्ग पर रेलपतरी और बरारीमर्ग के बीच जमीन खिसकने से यह हादसा हुआ। इसके साथ ही इस साल अमरनाथ यात्रा के दौरान मरने वालों की तादाद बढ़कर 11 हो गई। सोमवार से मंगलवार सुबह तक अलग-अलग वजहों से तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी। इससे पहले, बीएसएफ के एक अफसर, एक यात्रा स्वयंसेवी और एक पालकी ढोनेवाले की भी जान चली गई थी।

बताया जाता है कि बालटाल मार्ग पर रेलपतरी व बरारीमार्ग के बीच मंगलवार शाम को भूस्खलन हुआ। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें एक की पहचान ज्योति शर्मा पत्नी बिनोद शर्मा (35) निवासी नारायाणा (दिल्ली) व दूसरे की पहचान अशोक महतो (51) निवासी पटना (बिहार) के रूप में हुई है।
 

पुलिस के मुताबिक, जत्थे में शामिल सात यात्री पहाड़ के मलबे में दब गए। मौके पर मौजूद टीमों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से निकाले जाने तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, मारे गए लोगों और घायलों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। इन्हें बालटाल बेस हॉस्पिटल लाया गया है। अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हुई है। यह 60 दिन चलेगी। अमरनाथ यात्रा के पांचवें दिन सोमवार को सबसे ज्यादा 22,500 यात्रियों ने दर्शन किए। अब तक कुल 36,366 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

इससे पहले मूसलाधार बारिश के बाद बालटाल बेस कैंप के कार पार्किंग क्षेत्र में मंगलवार को बाढ़ जैसे हालात बन गए। पानी के तेज बहाव के कारण कई हल्के वाहनों को ट्रक यार्ड सोनामर्ग में शिफ्ट किया गया है। जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। यात्री कैंप क्षेत्र सुरक्षित है। सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग की मशीनरी को अलर्ट किया गया है। स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स टीम के साथ पुलिस को घटनास्थल पर भेजा गया है।

खराब मौसम ने अमरनाथ यात्रा के प्रथम दिन भारी व्यवधान पैदा किया और इसके चलते केवल 1,007 श्रद्धालु ही गुफा मंदिर में बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन कर पाए थे. इसके बाद 30 जून को यात्रा पूरे दिन निलंबित की गई थी. जिसके बाद मंगलवार रात यह हादसा हो गया है.

बता दें कि 60 दिन की इस यात्रा के लिए अभी तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है. इस यात्रा का समापन 26 अगस्त को होगा

 

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