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टीबी रोगी खोज व जागरूकता अभियान 17 से

रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा

15-08-2020

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चैम्पियन करेंगे लोगों को टीबी के प्रति जागरूक टीबी रोगी खोज व जागरूकता अभियान 17 से बुलंदशहर, 13 फरवरी 2020। टीबी विभाग ने अब एक नई पहल शुरू की है। देश को टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब उन लोगों के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूक करेगा, जो पहले खुद टीबी रोग से ग्रसित रह चुके हैं और नियमित दवा के सेवन से अब एकदम स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। विभाग ने इन्हें टीबी चैम्पियन का नाम दिया है। जनपद में यह लोग एक तरीके से एम्बेसडर के रूप में काम करेंगे। जनपद में विभाग द्वारा अब टीबी चैम्पियन चुने जाएंगे। जनपद में तीन टीबी चैम्पियन बनाये जाएंगे। जिला क्षयरोग अधिकारी डा एमके गुप्ता ने बताया संयुक्त निदेशक, क्षय रोग डा. संतोष गुप्ता ने प्रदेश के सभी जिला क्षय रोग अधिकारियों को टीबी चैम्पियन चयन करने के संबंध में पत्र जारी कर दिशा निर्देश दिये हैं। पत्र में कहा गया है कि समाज में टीबी रोग के संबंध में लोगों को जागरूक करने में टीबी चैम्पियन बहुत ही उपयोगी साबित होंगे। यह लोग अपने अनुभवों से लोगों को रूबरू कराएंगे और बताएंगे कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। कोई भी टीबी का मरीज नियमित दवा के सेवन और पोषण से पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है जैसे कि वह हुए हैं। इस रोग को मात दे चुके चैम्पियन द्वारा सही तरीके से अपनी बात रखने से टीबी रोगियों के प्रति भेदभाव भी कम होगा। उन्होंने बताया वर्तमान में 12 जनपदों में टीबी चैम्पियन द्वारा जनपद टीबी फोरम में प्रतिभाग, उपचार, सपोर्टर तथा सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान में कार्यकर्ता के रूप में योगदान किया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में तीन से पांच टीबी चैम्पियन का चयन किया जाएगा। चयन में टीबी फ्री ब्लाक को प्राथमिकता दी जाएगी। चैम्पियन को किसी भी तरह का मानदेय नहीं दिया जाएगा। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी चैम्पियन का चयन किया जाना है। यह टीबी रोगियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। उन्होंने बताया देश को 2025 तक टीबी रोग से मुक्त करने के लक्ष्य के साथ 17 फरवरी से सघन टीबी रोगी खोज अभियान (एक्टिव केस फांइडिंग) शुरू हो रहा है। यह अभियान 29 फरवरी तक चलेगा। जनपद में एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान में कुल जनसंख्या के 10 प्रतिशत को टारगेट करते हुये संवेदनशील स्थानों पर अभियान चलाया जायेगा। अभियान को सफल बनाने के लिए 152 टीम गठित की गयी हैं। इसमें 30 सुपरवाइजर व 9 नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। उन्होंने बताया जनपद में वर्ष 2017 में 6718 में से 5120, वर्ष 2018 में 7901 में से 6438, वर्ष 2019 में 8886 में से 7534 मरीज समय पर उपचार दिए जाने से टीबी मुक्त हुए हैं।

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