26 September 2020 , Saturday
Login  

नैनीतालः बरसात के दिनों में अपने ही घरों में कैदी बनने को मजबूर चुकम गांव के लोग,देखें पूरी खबर

रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा

06-09-2020

1K ने देखा




उत्तराखंड के रामनगर में चुकम गांव के निवासी हर साल बरसात में अपने ही गांव में कैदी बन कर रह जाते हैं। चुकम गांव के एक छोर पर कोसी नदी है तो दूसरी छोर पर बड़ी-बड़ी पहाड़ियां। ऐसे में हर साल बरसात के दिनों में ग्रामीण घरों में ही कैद रहने को विवश हो जाते हैं। तमाम परेशानियों को देखते हुए गांव के लोग कई बार विस्थापन की मांग कर चुके हैं। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। दरअसल चुकम गांव एक ऐसा गांव हैं जहां आज तक न पुल बन पाया है और न ही यहां के लोगों को रोड नसीब हो पाई है। रामनगर से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव की स्थिति बरसात के दिनों में और भी खराब हो जाती है। गांव के लोग पिछले कई दशकों से यहां पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि या तो गांव में पुल बना दिया जाये या फिर उन्हें विस्थापित कर किसी सुरक्षित जगह पर ले जाया जाये। ग्रामीणों का कहना है अगर सरकार के पास पुल बनाने लायक बजट नहीं है तो यहां पर एक रज्जू मार्ग यानी ट्रॉली लगवा दी जाये। जिससे बरसात के दिनों में एक किनारे से दूसरे किनारे जाने में लोगों को अपनी जान न गंवानी पड़े। वहीं जब इस बारे में उप जिलाधिकारी विजय नाथ शुक्ल से बात की गई तो उन्होने बताया कि चुकम गांव आपदा ग्रस्त गांव है। इसके विस्थापना के लिए कई बार गांववालों से बातचीत की गई है, लेकिन गांव वालों में सहमति न होने की वजह से संशय की स्थिति बनी हुई है। उप जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की स्थिति में गांव के लोगों को सितंबर तक का राशन पहले ही दिया जा चुका है।

FACEBOOK TwitCount LINKEDIN Whatsapp



देश विदेश

© COPYRIGHT Samachar Today 2019. ALL RIGHTS RESERVED. Designed By SVT India