सपा-बसपा में हुआ गठबंधन, 37-37 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

शुक्रवार को दिल्‍ली में हुई मायावती और अखिलेश यादव के बीच बैठक में उत्‍तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों को लेकर नया फॉर्मूला तैयार कर लिया गया है. लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन पर समाजवादी पार्टी और बसपा के बीच सहमति बन गई है। सपा और बसपा दोनों 37-37 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेंगे जबकि राष्ट्रीय लोकदल के लिए दो सीटें छोड़ी जाएंगी। और दो सीटें कांग्रेस के लिए अमेठी और रायबरेली छोड़ी जाएंगी। इसके अलावा दो सीटे भाजपा के संभावित बागियों के लिए रखने पर सहमति बनी है।

वही, गठबंधन को उम्मीद है कि भाजपा छोड़ चुकी सांसद सावित्री बाई फुले अगर सपा-बसपा के साथ आती हैं तो उन्हें एक सीट दी जा सकती है। इसी तरह भाजपा के सहयोगी दल से कोई बगावत करता है तो उसकी पार्टी के लिए एक सीट दी जा सकती है।

बता दें कि इससे पहले पिछले साल नवंबर में पांच राज्‍यों विधानसभा चुनाव के समय भी ऐसी ही खबरें आई थीं. इन चुनावों के नतीजे आने से पहले ही लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर उत्तर प्रदेश में गठबंधन की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी थी. तब भी कहा जा रहा था कि सपा और बसपा के बीच सबकुछ फाइनल हो चुका है. सीटों को लेकर बात फाइनल हो चुकी थी. रिपोर्ट की मानें तो सपा-बसपा ने उस समय ही अपने गठबंधन फॉर्मूले से कांग्रेस को अलग कर दिया था.

कांग्रेस को दो सीटे मिलने से साफ है कि वह गठबंधन से बाहर ही रहेगी। अब यह देखना है कि कांग्रेस इनसे दोस्ताना संघर्ष करती है या मजबूती से लड़ेगी। वैसे कांग्रेस व शिवपाल यादव की नई पार्टी के बीच भी नजदीकी बढ़ने की खबरे हैं। ऐसे में इन दोनों के बीच समझौता हुआ तो सपा के लिए अलग मुश्किल होगी।

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