पिता की गुहार पर एसएसपी ने दखल देकर रोका बाल विवाह !

बांदा के एसपी के हस्तक्षेप ने एक नाबालिग की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली….और उसका बाल विवाह रोक दिया गया। दरअसल बांदा जिले के बिसंडा थाना अंतर्गत खटानगाव निवासी श्याम सुन्दर ने बताया कि उसकी दो पत्नी है। पहली पत्नी भोली देवी उससे अलग रहकर अपना जीवन-यापन कर रही है, जिसका खर्च वही उठाता है। श्याम सुंदर ने बताया कि पहली पत्नी से उसे तीन बेटी और एक बेटा है। दो बेटियों की शादी वो अपने खर्च पर कर चुका है। जबकि तीसरी लड़की अभी नाबालिग है और वो अपनी मां के साथ रहती है। श्याम ने आरोप लगाया कि उसकी पहली पत्नी ने दामाद के साथ मिलकर रुपयों के लालच में उसकी नाबालिग बेटी की शादी तय कर दी है। यहां तक कि पुलिस से गुहार लगाने के बाद भी पुलिस ने शादी रोकने के लिए कुछ नहीं किया। श्याम का कहना है कि उसके पास उसकी बेटी के नाबालिग होने के सारे प्रमाण पत्र हैं। लेकिन उसकी पत्नी ने कमसिन के सीओ को बेटी के बालिग होने के फर्जी कागजात दिखा दिए। पुलिस ने फर्जी कागजात पर भरोसा कर लिया, लेकिन असली दस्तावेजों पर नहीं। मीडिया में खबर चलने के बाद बांदा के एसपी ने शादी को रोकने के आदेश दिये है। पुलिस अब दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच करेगी। उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने लड़की को उसके पिता के हवाले कर दिया है और कहा है कि अगर जांच पूरी होने से पहले उसकी शादी करने की कोशिश की जाती है तो यह अपराध की श्रेणी में आएगा।

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