पत्थरदिल मां-बाप !

क्या कोई मां-बाप इतने पत्थरदिल हो सकते हैं कि वो अपने बच्चे की लाश छोड़कर भाग जाएं…क्या वे इतने संगदिल हो सकते हैं कि अपने जिगर के टुकड़े की लाश को भी नहीं देखना चाहते। जाहिर है आपका जवाब नहीं में होगा। लेकिन यूपी के बरेली में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। 

जिला अस्पताल की मोर्चरी में सफेद कपड़े में लिपटी ये लाश 10 साल के बच्चे दीनदयाल की है। दीनदयाल को गुरुवार की रात बदायूं के जिला अस्पताल से बरेली के जिला अस्पताल रेफर किया गया था। रात 12 बजकर 5 मिनट पर दीनदयाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और 2 बजकर 35 मिनट पर उसकी मौत हो गई। सुबह जब बच्चे के शव ले जाने के लिए उसके मां-बाप को बुलाया गया तो पता चला वो लोग नही हैं। काफी ढूंढने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला।

वहीं, इस मामले में सीओ सिटी कुलदीप कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी…आखिर ऐसी क्या वजह है कि बच्चे के परिजन उसकी लाश नहीं ले जाना चाहते।  मामले की जांच करायेगे की आखिर क्या वजह है कि बच्चे के परिजन उसकी लाश को नही ले जाना चाहते। 

बड़ा सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिस मां ने 9 महीने तक बच्चे को अपनी कोख में रखा…दर्द सहकर जन्म दिया…बच्चे के पैदा होने पर खुशिया मनाई…हाथ पकड़कर चलना सिखाया…बोलना सिखाया…लेकिन जब उसकी मौत हो गई तो मां-बाप ने आखिरी बार अपने कलेजे के टुकड़े के शव को देखना भी मुनासिब नहीं समझा

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com