24 September 2020 , Thursday
Login  
Home -> RAPE

रिपोर्ट : स्निग्धा श्रीवास्तव
प्रोड्यूसर | नोएडा
एक बार फिर राजस्थान में हैवानियत का शिकार हुई महिला, हैवानो ने वीडियो किया वायरल

एक बार फिर राजस्थान में हैवानियत का शिकार हुई महिला, हैवानो ने वीडियो किया वायरल...

भारत में रेप की घटनाओं पर कोई रोक हीं नहीं है, दिन-प्रतिदिन रेप के मामले बढ़ते जा रहे है। नाबालिग से लेकर वृद्ध महिलाओं के बलात्कार के मामले सामने आ रहे है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा इलाके से सामने आया है। यह घटना 14 सितंबर की है जब 45 साल की महिला को हैवानियत का शिकार बना हैवानों ने महिला के भांजे को भी उसके साथ रेप करने को जबरन मजबूर किया। आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाया और वारयल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित महिला ने 17 सितंबर को पुलिस स्टेशन पहुंचकर केस दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार को 6 नामजद में से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक राम मूर्ति जोशी ने कहा कि महिला घटना की रिपोर्ट लिखाने के लिए 17 सितंबर को रात करीब 9.30 बजे तिजारा थाने में आई। हमने प्राथमिकी के आधार पर एक नाबालिग सहित छह आरोपियों की पहचान की और उनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उपअधीक्षक कुशाल सिंह ने बताया शेखपुर थाना अंतर्गत की रहने वाली करीब 45 वषीय विवाहिता महिला 14 सितम्बर को दिन मे अपने भांजे के साथ बाइक पर सवार होकर हरियाणा के कंसाली ग्राम में अपने रिश्तेदार से मिलकर अपने गांव लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते मे तिजारा थाना अंतर्गत पहाड़ियों के पास 5-6 युवकों ने रोक कर पीड़िता के भांजे के साथ मारपीट की और उसके हाथ पैर बांधकर बंधक बना दिया। उनमे से एक युवक तिजारा अंतर्गत ग्राम के आरोपी धूता उर्फ आसम ने महिला के भांजे के सामने ही जबरन विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं पीड़िता के भांजे से भी दुष्कर्म करवाने की कोशिश की और उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। घर आने के बाद महिला ने अपने परिवार से इस घटना का जिक्र नहीं किया मगर 17 सितंबर को जब उसे पता चला कि उसके साथ रेप का वीडियो अलवर और हरियाणा के गावों में सर्कुलेट हो रहे हैं, उसके बाद पीड़िता ने अपने पति को आपबीती बात बताई और तिजारा थाने में आकर 17 सितंबर की रात को छह आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाकर आरोपियों को पकड़ने के लिए शेखपुर थाना अधिकारी रामकिशोर, तिजारा थाना अधिकारी जितेन्द्र नावरिया मय पुलिस टीम बनाकर आरोपियों की धरपकड़ शुरू की है। पुलिस ने इस मामले में विड़ियो बनाकर वायरल करने वाले आरोपीयो को गिरफ्तार कर लिया है और दुष्कर्म के मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।...

19 Sep 1K ने देखा
रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
पशुओं के लिए चारा लेने गई महिला को बनाया हवस का शिकार

पशुओं के लिए चारा लेने गई महिला को बनाया हवस का शिकार...

मथुरा में हैवानियत की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं ऐसा ही एक और मामला शेरगढ़ थाना क्षेत्र के अन्तर्गत गांव में हुआ है जहां पर एक महिला अपने खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थी और महिला घास काट रही थी। तो तभी पीछे से चार लोगों ने महिला को आकर दबोच लिया और चारों ने महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया और महिला जब चीखी चिल्लाई तो उन दरिंदों ने उसके साथ मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। महिला ने घर पहुंचकर अपनी पीड़ा अपने पति को बताई तो पति ने उन व्यक्तियों से कहा सुनी की लेकिन उन व्यक्तियों ने पति को भी जान से मारने की धमकी दे डाली और पीड़ितों पर जबरदस्ती राजीनामे का दबाव बनाया। फिलहाल पीडित ने शेरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराकर आरोपियो पर कार्रवाई की मांग की हैं।...

15 Sep 783 ने देखा
रिपोर्ट : स्निग्धा श्रीवास्तव
प्रोड्यूसर | नोएडा
समाज के मुंह पर तमाचा जडता समाज का ही दूसरा रूप!

समाज के मुंह पर तमाचा जडता समाज का ही दूसरा रूप!...

16 दिस्बर 2012 को एक दिल दहलाने वाली घटना...जिसे मात्र सुनने भर से रूह कांप जाती है....जीं हा हम बात कर रहे है निर्भया काण्ड की। 16 दिस्बर की यह घटना बार-बार यह दिलाती है कि किस तरह की अमानवीयता का शिकार हुइ एक लडकी। बात सिर्फ निर्भया की ही नहीं है...इससे पहले और अब तक आए दिन ना जाने कितनी निर्भया इस तरह की अमानवीयता का शिकार होती है। बलात्कार हमारे देश में सबसे बडी और गंभीर समस्या बनती जा रही है। हम आए दिन ऐसी घटनाओं को सूनते है। कभी किसी महिला का बलात्कार किसी सूनसान जगह पर किया जाता है तो कभी अकेले का फायदा उठाकर उसके अपने घर में ही उसे बलात्कार का शिकार बना लिया जाता है। ऐसी घटनाओं के बाद अक्सर लोगों के कहते सूना है कि जरूर उस लड़की की गलती होगी...उसने छोटे कपड़े पहन रखे होंगे या वो ल़ड़की बतचलन होगी .लेकिन आश्चर्य की बात है हमने कभी ऐसा नहीं सूना है कि कोई यह कहे उस पुरूष ने गलत किया या उसकी गलती होगी। गलती चाहे जिसकी भी हो इसका खामियाजा किसे भुगतना पडता है....जीं हां बलात्कार जैसी भयावह घटना के बाद पिडिता की हालत और मानसिक स्थिति का कोई भी अंदाजा नहीं लगा सकता है। अगर रेप के लिए सिर्फ महिला को जिम्मेदार माना जाता है...और उनके पहनावे व चाल-चलन को दोष दिया जाता है तो फिर उन मासूम बच्चियों का क्या दोष है जिनकी उम्र महज 6-7 वर्ष की होती है या वह फिर नाबालिग होती है। जी हां इस बात से कोई भी अनजान नहीं है कि हमारे देश में नवजात बेटी से लेकर महज 12-13 साल की बेटीयां भी रेप का शिकार होती है। अब सवाल यह उठता है कि वर्तमान समय में जहां बेटीयों को बेटो के बराबर का दर्जा दिया जा रहा है और हर क्षेत्र में अपना नाम कमा रहीं है वहां क्या ऐसी घटनाएं समाज को विचलित नहीं करती है। इसी समाज के उन पुरूषो की मानसिकता इतनी विकृत कैसे है? क्या उन्हें पुलिस प्रशासन या समाज का डर नहीं है या उन्हें समाज ही यह सब करने के लिए प्रेरित करता है, क्योकि वो भी तो इसी समाज के हिस्सा ही तो होते है। एक आंकडे के अनुसार देश में हर 14 मिनट पर एक महिला बलात्कार जैसी भयावह घटना का शिकार होती है। सन् 2014 में कुल 36,975 रेप के मामले दर्ज हुए थे। आपको बता दे कि लगभग हर 4 घंटे में एक गैंगरेप की वारदात होती है और हर 13 घंटे में एक महिला अपने किसी करीबी द्वारा रेप का शिकार होती है। इतना हीं नहीं हर 17 घंटे पर 6 साल तक की बच्चियां भी रेप का शिकार होती है। जुलाई में एक छह साल की लड़की को अगवा कर बलात्कार किया गया और दोषियों ने उसकी आंखों को गंभीर चोट पहुंचाई ताकि वो उन्हें पहचान न सके। यह घटना दिल को झकझोर देने वाली है, क्या इंसान इतना बेहरहम हो चुका है? राजधानी दिल्ली में ऐसा ही एक केस सामने आया जिसमें एक व्यक्ति ने 86 साल की बुज़ुर्ग महिला का बलात्कार किया और तो और अगस्त महीने में यूपी की एक 13 साल की लड़की का शव गन्ने के खेत में मिला जिसका बलात्कार हुआ था, उसके पिता ने आरोप लगाया कि बेटी की आंखें निकाल ली गईं थीं और ज़बान काटी गई थी। क्या रेप की इन घटनाओं की तरफ सरकार का रुख नहीं जाता? रेप मामले को लेकर अब तक भारत में ऐसी कोई व्यवस्था क्यों नहीं है? अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों है कि रेप की घटनाएं कम होने की बजाय बढ़ते जा रहे है? नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक़ 2018 में 33,977 मामले पुलिस ने दर्ज किए यानी अब हर 15 मिनट में एक बलात्कार हो रहा था। यह आंकडे तो उन मामलो के है जिनकी रिकॉर्ड दर्ज होते है और सामने आती है, इसके अलावा ना जाने कितने मामले ऐसे होते है जो मामुली समझ कर पुलिस दर्ज ही नहीं करते है और हैरानी की बात तो यह कि हमारे समाज में आज भी ऐसी निदंनिय घटनाओ को मात्र लोक-लज्जा के कारण छिपा लिया जाता है। ऐसी घटनाओं को सूनकर और देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि महिलाएं कहीं भी सूरक्षित नहीं है..चाहे वह घर से बाहर हो या अपने घर मे हो। आखिर हमारा समाज इतना कुंठित क्यों है कि महिलाए कहीं भी बीना किसी भय के रह सके? ऐसी घटनाओं के बाद अधिकत्तर महिलाओं को अपराधी द्वारा या तो मार दिया जाता है या महिलाएं खुद हीं अपने लिए मौत का रास्ता चुन लेती है। अपने ही समाज में अपने हीं लोगो के बीच रह कर क्यों महिलाओं को ऐसे अपराधो का सामना करना पड रहा है और कब तक वह इसका शिकार होती रहेंगी? इसका जवाब तो समाज ही दे सकता है। यह कैसा समाज है जो अपने ही बहन-बेटीयों की सूरक्षा नहीं कर सकता है। आखिर इन सबके लिए जिम्मेदार कौन है, पुलिस, पूरूष या महिलाएं? अपराधियों को क्या पुलिस प्रशासन का डर नहीं है? जिम्मेदार कोई भी है बलात्कार जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना बेहद आवश्यक है और इसके लिए सिर्फ पुलिस प्रशासन हीं नहीं समाज को भी आगे बढ़ना होगा। कहते अकेला चना भाड नहीं फोड सकता है इसलिए सभी को एक-साथ मिलकर इस पर विचार करना चाहिए और अगर हर पूरूष अकेली महिला को नुकसान पहुचांने की बजाय उसकी सूरक्षा करें तो निश्चित ही यह समस्या कम हो सकती है। इतना हीं नहीं महिलाओं को भी अपनी सूरक्षा के लिए खुद ही ठोस कदम उठाने होंगे और उन्हें हमेशा सचेत रहना होगा। देश में हर 15 मिनट में एक निर्भया अपना वजूद गंवा रही है, हर 15 मिनट में इंसानियत दम तोड़ रहीं है। कौन है जिम्मेदार? यह सवाल है देश की हर एक बेटी का- देश की सरकार से और समाज के हर उस हिस्से से जहां वह जन्म लेती है और समाज के हर क्षेत्र में पुरूषो के साथ खड़ी होकर समाज और अपने परिवार का नाम रौशन करती है। स्निग्धा श्रीवास्तव समाचार टुडे...

14 Sep 633 ने देखा
रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
आशाराम बापू और राम रहीम के बाद डॉ प्रणव पंड्या का नंबर? रेप पीड़िता को मिला योगिता भयाना का साथ

आशाराम बापू और राम रहीम के बाद डॉ प्रणव पंड्या का नंबर? रेप पीड़िता को मिला योगिता भयाना का साथ...

दिल्ली। न्याय की दरकार लिए इधर-उधर भटक रही एक और मज़लूम एवं बेबस युवती को प्रमुख समाजसेविका योगिता भयाना का साथ मिला है। छत्तीसगढ़ की रहने वाली इस युवती ने हरिद्वार के शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या के खिलाफ 2010 से 2014 तक यौन शोषण करने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। मामले में दिल्ली में दर्ज हुए मुकदमे को हरिद्वार में ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन इस मामले में जहां स्थानीय पुलिस की जांच कई महीनों बाद भी दो कदम आगे नहीं बढ़ सकी है तो वहीं अब पीड़िता को न्याय दिलाने का बीड़ा योगिता भयाना ने उठाया है। योगिता ने इस मसले में देश की जनता से भी मदद और साथ देने की गुहार लगाई है। योगिता का कहना है कि वो मरते दम तक पीड़िता का साथ नहीं छोड़ेगी। पीड़िता की माने तो उसके पिता नहीं है। उसे परिजनों ने पढ़ाई के लिए वर्ष 2010 में शांतिकुंज में भेजा था, जहां लगातार 4 सालों तक डॉ. पंड्या ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उस वक़्त वो महज़ 14 साल की नाबालिग थी। शिकायत करने पर डॉ. पंड्या की पत्नी शैलबाला ने भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देकर उसका मुंह बंद करवा दिया था। इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर पांच मई को दिल्ली पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश के लिए मामला हरिद्वार ट्रांसफर कर दिया था। एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने हाईप्रोफाइल मामले की जांच महिला हेल्पलाइन की प्रभारी मीना आर्या को सौंपी थी। पुलिस की हीलाहवाली की बदौलत डॉ. पंड्या उत्तराखंड हाई कोर्ट से स्टे ले आए थे। तब से ये मामला शांत पड़ा हुआ था, लेकिन अब ये मामला योगिता की वजह से फिर से सुर्खियों में हैं। अब देखने वाली बात ये होगी कि इस मामले में क्या-क्या नए मोड़ आते हैं। देखने वाली बात ये भी होगी कि आशाराम बापू और राम रहीम की तरह डॉ. पंड्या भी दुष्कर्म के मामले में सलाखों के पीछे जाते हैं या फिर इस मामले में कुछ और ही निकलकर सामने आता है।...

26 Aug 4K ने देखा
रिपोर्ट : समाचार TODAY
Official | गौतम बुद्ध नगर/नोएडा
निर्भया के गुनेहगार को दिल्ली HC का करारा झटका, पहुंचा SC की शरण

निर्भया के गुनेहगार को दिल्ली HC का करारा झटका, पहुंचा SC की शरण...

निर्भया गैंगरेप और कत्ल के मामले में चार दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने दिल्ली HC के फैसले को SC चुनौती दी है। बता दे कि दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषी मुकेश सिंह की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद निर्भया गैंगरेप और कत्ल के दोषी मुकेश सिंह ने SC रुख करते हुए दावा किया कि दिसंबर 2012 में हुए अपराध के समय वह दिल्ली में नहीं था। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को निर्भया सामूहिक बलात्कार और कत्ल चार में से एक दोषी मुकेश सिंह की याचिका को बुधवार को खारिज कर दिया था। इस याचिका में उसने दिल्ली HC के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसके इस दावे को खारिज किया गया था,कि 16 दिसंबर 2012 को जब जुर्म हुआ तब वह दिल्ली में नहीं था। न्यायमूर्ति ब्रृजेश सेठी ने कहा था कि निचली अदालत के विस्तृत और तर्कपूर्ण आदेश में दखल देने का कोई आधार नहीं है। उच्च न्यायालय के आगे कहा कि, यह बताने के लिए रिकॉर्ड पर कुछ भी नहीं है कि इस मामले में मुकदमा किसी भी साक्ष्य को छिपाने के कारण प्रभावित हुआ है।...

10 Aug 213 ने देखा

© COPYRIGHT Samachar Today 2019. ALL RIGHTS RESERVED. Designed By SVT India