अफसुर्दा तुझे जाने चमन देख रहा हूँ!

अफसुर्दा तुझे जाने चमन देख रहा हूँ! क्यों चाँद के माथे पे शिकन देख रहा हूँ!   ए रिश्ते ग़म, फूट बहे दिल

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