मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के आवास पर आयोजित जनता दरबार में शिक्षिका का हंगमा !

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनता दरबार में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति बन गई। जब एक शिक्षिका ने हंगमा शुरू कर दिया। न केवल हंगामा किया बल्कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत की खरी-खोटी भी सुनाई। जनता दरबार में खुद सीएम त्रिवेन्द्र रावत लोगों की समस्या सुनने के लिए मौजूद थे। इसी बीच उत्तरकाशी जिले की एक शिक्षिका ने अपने तबादले की मांग को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा करने वाली शिक्षिका का नाम उत्तरा पंत है। वह गुरुवार को सीएम आवास पर अपने तबादले की मांग लेकर पहुंची थी। महिला शिक्षिका उत्तरा पंत 20 वर्षों से उत्तरकाशी के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात है और लंबे समय से अपने ट्रांसफर करने की मांग कर रही है। शिक्षिका का कहना था कि वो विधवा है और उसके बच्चे देहरादून में रहते हैं। बच्चों की देखरेख के लिए वो कई बार दून तबादला करने की गुहार लगा चुकी है। लेकिन अब तक उस ट्रांसफर नहीं हुआ। शिक्षिका का कहना है कि पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी अपने कार्यकाल में दिलासा दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि पांच महीने पहले सचिवालय में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी वह मिली थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे खफा महिला शिक्षिका ने अपना सारा गुस्सा जनता दरबार में मौजूद सीएम रावत और अधिकारियों पर निकाल दिया। उसने जनता दरबार के बीच ही सीएम को अपशब्द कहना शुरू कर दिया। सीएम रावत ने महिला शिक्षिका से शांत होने के लिए कहा…उन्होंने कहा कि शांत हो जाओ, वरना नौकरी चली जाएगी। लेकिन महिला का पारा सातवें आसमान पर था। जब सीएम के कहने पर भी शिक्षिका शांत नहीं हुई तो सीएम रावत भी अपना आपा खो बैठे। उन्होंने भरे दरबार में शिक्षिका को सस्पेंड करन के आदेश दे दिए और महिला शिक्षिका को हिरासत में ले लेने के आदेश दिए। इसके बाद इसके बाद महिला को सुरक्षाकर्मी पकड़कर बाहर ले गए। लेकिन बाहर जाते-जाते भी महिला ने सीएम रावत से अभद्रता करते हुए उन्हें चोर तक कह दिया। महिला ने कहा कि सीएम रावत नेता हैं, कोई भगवान नहीं और प्रदेशवासियों को लूटकर खा रहे हैं। ये चोर मुख्यमंत्री हैं।

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