थाईलैंड रेस्क्यू ऑपरेशन: भारत के बिना आसान नहीं था बच्चों को निकालना, ऐसे किया कमाल

दुनिया की सबसे दुर्गम गुफा में फंसे जूनियर फुटबाल टीम के बच्चे और उनके कोच सहित 13 लोगों को निकालना इतना आसान नहीं था। लेकिन, भारत सरकार के अहम योगदान के चलते यह ऑपरेशन पूरा हो पाया।

बता दें कि थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 फुटबॉलर बच्चों समेत उनके कोच को सुरक्षित बचा लिया गया है. लंबी जद्दोजहद के बाद मंगलवार को वह वक्त आया जब स्पेशल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया. इस घटना ने पूरी दुनिया की नजर खींची और हर तरफ बच्चों के लिए मन्नतें की गईं. अब इन बच्चों को डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है.

थाइलैंड के उत्तर में चियांग राई इलाके की एक गुफ़ा में 23 जून से बच्चों की एक फुटबॉल टीम फंसी हुई थी. थाई नेवी सील ने इसकी घोषणा की है. इसी के साथ पिछले एक पखवाड़े से अधिक समय से इस घटना में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच जो बचाव अभियान चल रहा था, वह सफलतापूर्व सम्पन्न हो गया तथा दुनिया भर के लोगों ने राहत की सांस ली. यह बचाव अभियान विश्व भर की सुर्खियों में आ गया था.
 

बचाव दल के प्रमुख नारोंगसाक ओसोतानाकोर्न ने बताया कि एक चिकित्सक तथा तीन थाई नौसेना के गोताखोर भी बाद में गुफा से निकल आये. ये चारों गुफा से सबसे बाद में बाहर आये. इन लोगों ने नौ अंधकारमय दिन गुफा में बिताये. इसके बाद दो ब्रिटिश गोताखोर इन तक पहुंचने में कामयाब हुए। किशोर कमजोर होने के बावजूद काफी उत्साहित नजर आ रहे थे. इन किशोरों में से अधिकतर को तैरना नहीं आता था और किसी के पास गोताखोरी का अनुभव नहीं था. लिहाजा बचावकर्ताओं ने उन्हें मास्क पहनना तथा ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से पानी के भीतर सांस लेने का प्रशिक्षण दिया.

उसके बाद किर्लोस्कर प्रबंधन ने प्रसाद कुलकर्णी को हैवी फ्लडपंप लेकर शुक्रवार को विशेष विमान से थाईलैंड भेजा। इस हैवी फ्लडपंप के जरिए गुफा से पानी निकालने का काम शुरू किया गया। जिससे रविवार से बच्चों को निकालने में गोताखोरों और बचाव दल को मदद मिली और सफल ऑपरेशन शुरू हो सका। 

वहीं, थाईलैंड सरकार ने प्रसाद कुलकर्णी और उनकी टीम का शुक्रिया अदा किया है. गुरुवार या शुक्रवार को यह टीम भारत वापस आने वाली है.

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे पहली ऐसी विश्व नेता हैं जिन्होंने इन किशोरों को बचाने में मिली सफलता पर प्रसन्नता जताई तथा उन गोताखोरों के जज्बे को सलाम किया जिन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर इन किशोरों को बचाया. मे ने ट्वीट कर कहा, ‘‘थाईलैंड में गुफा में फंसे हुए लोगों का सफलतापूर्वक बचाव किए जाने के कारण प्रसन्न हूं. विश्व देख रहा था तथा इसमें शामिल सभी लोगों को वह सलाम कर रहा है.’’
इससे पहले 2011 में भी जब ऐसी ही भयंकर बाढ़ थाईलैंड में आई थी तब बैंकॉक में स्थित किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने अतुलनीय मददकार्य करके आपदाग्रस्त लोगों को बचाया था. प्रचंड शक्तिशाली किर्लोस्कर पंप के जरिए बहुत ही तेजी से बाढ़ का पानी निकाला गया था.

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