बैंक में लगी लम्बी लाइन, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा!

नूंह (लियाकत अली) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 -1000 के नोट बंद किये तो ,आम आदमी की नींद उड़ गई। सारा कामकाज छोड़ गरीब से अमीर तक या तो नोट जमा कराने या फिर बदलने के लिए बैंकों में लगी लंबी लाइनों में खड़े हो गए। महिला ,बुजुर्ग ,बच्चे ,जवान हाथों नोट और आई डी प्रूफ लेकर दिन निकलते ही बैंकों के बाहर लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करने लगे। इस दौरान धक्का -मुक्की से लेकर पुलिस के डंडे खाने पड़े ,कुछ तो चोटिल भी हो गए। 

वैसे तो पूरे देश में यह समस्या बनी हुई है ,लेकिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से महज 70 किलोमीटर दूर नूंह मेवात जिले में एक तो बैंकों की कमी और ऊपर से बैंकों में स्टाफ की कमी ,नूहं जिले के लोगों की सिरदर्दी बढ़ा रही है। आम आदमी से लेकर बैंक मैनेजर , डी सी मनीराम शर्मा तक परेशान हैं। आप को बतादें कि जिले के  पिनगवां ,पुन्हाना ,बड़कली ,नूंह ,फिरोजपुर झिरका ,तावडू शहरों में सैकड़ों लोग सुबह से शाम तक नोट बदलने से लेकर जमा करने की होड़ लगी है। सुरक्षा कर्मियों से लेकर बैंक कर्मचारियों तक को रोटी खाने तक की फुर्सत नहीं है। सबसे खास बात तो यह है कि महंगाई के दौर में महज 4 हजार रुपये के नोट  निकाले जा रहे हैं। इनसे महज एक -दो दिन का खर्च ही चल पा रहा है। धक्का -मुक्की से कई बुजुर्गों की तो लाइन में लगे होने पर जान पर बनी हुई है। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को भी हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ रहा है। 

बैंक मैनेजर मानते हैं कि जिस तरह भीड़ उमड़ रही है ,उसे देखते हुए समय सीमा को बढ़ाने की जरुरत है। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत तो यह है कि जो लोग रोजाना मजदूरी करके या कृषि करके गुजारा कर रहे थे ,वो अब कृषि और मजदूरी को छोड़ कर बैंक में नोट जमा करने तथा बदलवाने की लाइन में दिन भर अपना समय लगा रहा है ,उसके बावजूद भी पता नहीं है कि शाम तक नम्बर आएगा या नहीं। बिस्तर से उठते ही लोग बैंक की तरफ रुख कर रहे हैं। 

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