तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी के पासपोर्ट विवाद का हुआ अंत, लखनऊ के अधिकारी ने दायरे से बाहर जाकर की पूछताछ

लखनऊ में तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी के पासपोर्ट विवाद का अब अंत हो गया है. क्षेत्रीय कार्यालय ने बुधवार को दंपति को पासपोर्ट जारी कर दिए गए. पिछले करीब 15 दिनों से सोशल मीडिया से लेकर खबरों में इस विवाद पर काफी चर्चा हुई, यहां तक कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी इस मामले में ट्विटर पर ट्रोल किया गया.

सूत्रों ने बताया कि जांच में पाया गया है कि पासपोर्ट के लिए कार्यालय में अपना आवेदन देने गए अंतरधार्मिक दंपति से धर्म के बारे में अप्रासंगिक सवाल पूछने वाले लखनऊ के पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा ने दायरे से बाहर जाकर पूछताछ की. उन्होंने बताया कि पासपोर्ट जारी करने के लिए जरूरी सत्यापन प्रक्रिया के समय उनके आवास और अन्य अप्रासंगिक ब्यौरा जुटाने में उत्तरप्रदेश पुलिस ने भी गलती की. दंपति ने पासपोर्ट अधिकारी पर कथित रूप से परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी अंतरधार्मिक शादी के कारण उन्हें निशाना बनाया गया.

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा के मुताबिक, पुलिस के द्वारा तन्वी और अनस के पते का सत्यापन न होना कोई प्रतिकूल कारण नहीं है. उनको अब न तो कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और न ही पासपोर्ट निरस्त किए जाएंगे. विदेश मंत्रालय की नई व्यवस्था के तहत पासपोर्ट बनाने के लिए सिर्फ दो सूचनाओं का सत्यापन होना जरूरी है. पहला आवेदक की नागरिकता और दूसरा उस पर कोई आपराधिक केस न हो. 

गौरतलब है कि नोएडा की रहने वाली तन्‍वी सेठ अपना पासपोर्ट बनवाने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पासपोर्ट सेवा केंद्र पहुंची थी. इस दौरान तन्‍वी ने पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्र पर धर्म के नाम पर उन्‍हें अपमानित करने का आरोप लगाया था. केंद्र सरकार की एक आंतरिक जांच में पाया गया है कि दस्तावेज के लिए कार्यालय में अपना आवेदन देने गए अंतरधार्मिक दंपति से धर्म के बारे में अप्रासंगिक सवाल पूछने वाला लखनऊ का पासपोर्ट अधिकारी गलत था.
 

मामले के बाद से ही ट्विटर पर एक धड़ा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को निशाना बनाने में लगे हुए हैं. सुषमा स्वराज को लेकर कई तरह के ट्वीट किए गए, कुछ में भद्दी भाषा का प्रयोग किया जा रहा है तो कुछ ऐसे हैं जिनपर बात करना भी उचित नहीं होगा. लेकिन इस बीच सुषमा ने बड़ी ही दिलेरी से इन ट्रोलर्स का सामना किया और खुद ही इनका स्वागत कर दिया. विवाद के बढ़ता देख 10 दिन बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सुषमा स्वराज का बचाव भी किया.

 

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