मुफ़्त में सब्ज़ी लेने के आरोप में पूरा थाना लाइन हाज़िर !

बिहार की राजधानी पटना में मुफ्त सब्जी ना देने पर सब्जी विक्रेता के नाबालिग बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेजने के मामले में 12 आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। आईजी पटना नैयर हसन खान ने बताया है कि दो थाना प्रभारी और नौ पुलिसकर्मियों को सस्‍पेंड किया गया है, उन्होंने माना कि सब्जी बेचने वाले के लड़के को गलत तरह से गिरफ्तार किया गया और झूठी स्टोरी गढ़ी गई। आईजी ने अगमकुआं पुलिस स्‍टेशन के पूरे स्‍टाफ को पुलिस लाइन भेज दिया है।

पिता ने बताया की मेरे बच्चे की ग़लती सिर्फ़ इतनी थी कि वो जिप्सी में आए पुलिसवालों को मुफ़्त की सब्ज़ी नहीं देता था. इसी बात से नाराज़ होकर पुलिसवाले उसे 'देख लेने' की धमकी देते थे. बताया जा रहा है की 19 मार्च की शाम साढ़े सात बजे जब बाप-बेटे सब्ज़ी बेचकर घर लौटे तो अगमकुआं थाने की पुलिस सुरेश को घर से उठा ले गई.परेशान पिता और घरवाले बेटे का हाल-चाल जानने के लिए थाने और आला अधिकारियों के यहां चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी.21 मार्च को उन्हें पता चला कि उनके बेटे को बाइक लूट के आरोप में जेल भेज दिया गया है.

ये कार्रवाई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से मामले में दखल दिए जाने और जांच के आदेश के बाद हुई है। गिरफ्तार नाबालिग साथ ही बेउर जेल से रिमांड होम में शिफ्ट कर दिया गया है। अभी मामले की आगे भी जांच के आदेश दिए गए हैं। ये मामला इस साल मार्च का है मामला मीडिया में आया और इसकी चर्चा हुई तो मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए। जांच में सामने आया कि बच्चा नाबालिग है उसकी गिरफ्तारी घर से हुई लेकिन पुलिस ने कोई अलग जगह बताई। इसके अलावा बच्चे के पास से मोटर साइकिल बरामद करने का दावा भी झूठ निकला। सुखान का कहना है कि उसने एक पुलिस अधिकारी को मुफ्त में सब्जी देने से मना कर दिया था, जिसका इस तरह के बदला लिया जा रहा है।
 

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