उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए कांग्रेस की नई नीति

कांग्रेस का कहना है कि उसने उन सभी 11 विधायकों को पार्टी से निकाल दिया गया था, जिसने पार्टी लाइन के बाहर जाकर वोटिंग की थी. लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि उनके जाने से कांग्रेस को नुकसान होगा. उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के कुल 28 विधायक थे, जिनमें से 11 निष्कासित किये जा चुके हैं और जो दूसरे पार्टियों के संपर्क में हैं. ऐसे में कांग्रेस के पास अभी मात्र 17 विधायक हैं. अगर पार्टी इन विधायकों को साथ रख पाती तो शायद उनके लिए बेहतर होता.

कांग्रेस के टारगेट हैं मुसलमान, ब्राह्मण और दलित 

कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए ब्राह्मण, मुसलमान और दलित को रिझाने में जुटी है. यही कारण है कि पार्टी की ओर से शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया. गुलाम नबी आजाद को सामने रखकर पार्टी मुसलमानों को भी साधने में जुटी है, वहीं दलितों को अपने साथ लाने के लिए राहुल गांधी एड़ी-चोटी एक कर रहे हैं. संसद में कांग्रेस दलित उत्पीड़न की घटना को पुरजोर तरीके से उठा रही है.

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