दिल्ली में शर्मनाक घटना, फीस न भरने पर 5 से 8 साल की 59 बच्चियों को बेसमेंट में 5 घंटे बंद रखा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल की फीस जमा न कराने पर पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान स्थित राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में 59 मासूम बच्चियों को उमस भरी गर्मी के बीच एक तहखाने में बंधक बनाकर रखा गया। दोपहर के समय परिजन जब बच्चियों को लेने स्कूल पहुंचे तो इसका पता चला। बच्चियों का गर्मियों में भूख-प्यास से बुरा हाल था। अपने बच्चों की हालत देखकर परिजन बिफर गए। स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया गया। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिभावकों को आरोप है कि छात्राओं को सुबह 7.30 बजे से ही स्कूल के बेसमेंट में रखा गया था. छुट्टी के समय जब छात्र बाहर नहीं निकले तो अभिभावकों को इसकी जानकारी मिली. पैरेंट्स ने ये भी आरोप लगाया है कि बच्चों को पांच घंटों तक कुछ खाने-पीने को भी नहीं दिया गया. अभिवावकों के हंगामा करने के बाद उन्हें बताया गया कि बच्चों को बेसमेंट में बंद कर दिया गया है और उनकी अनुपस्थिति मार्क कर दी गई है, क्योंकि स्कूल मैनेजमेंट को उनकी फीस प्राप्त नहीं हुई थी.

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मासूमों को जबरन बंधक बनाने और जेजे एक्ट की धारा 75 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। 
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है. साथ ही केजरीवाल ने सचिव और शिक्षा निदेशक को सभी जानकारी के साथ बुलाया है.

वहीं कई पैरेंट्स का कहना है कि उन्होंने फीस जमा कर दी है. हालांकि स्कूल प्रबंधन इससे इंकार कर रहा है और उनका कहना है कि स्कूल के डेटाबेस में यह जानकारी उपलब्ध नहीं है. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. दिल्ली पुलिस ने स्कूल फीस का भुगतान नहीं करने पर केजी के छात्रों को बेसमेंट में बंद करने को लेकर एक स्कूल के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

यह मामला मंगलवार को सामने आया। अभिभावकों ने बताया कि दोपहर करीब 12.30 बजे जब वे बच्चों को लेने स्कूल पहुंचे तो पता चला कि 59 बच्चियां क्लास में नहीं थीं। टीचर्स से पूछने पर पता चला कि फीस नहीं देने की वजह से बच्चियों की अटेंडेंस नहीं लगाई गई है। उन्हें बेसमेंट में रखा गया है। स्कूल की हेड मिस्ट्रेस फराह दीबा खान के कहने पर ऐसा किया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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