पति ने दिया तीन तलाक तो महिला ने लगाई पुलिस से गुहार, लेकिन पुलिस ने भी….

रिपोर्ट – जय सारास्वत (मथुरा)

उत्तर प्रदेश – तीन तलाक को लेकर भले – ही केंद्र सरकार मुश्लिम महिला को छुटकारा दिलाने के लिए लाख प्रयास कर रही है। लेकिन मुस्लिम महिलाओं पर तीन तलाक के अत्याचार पर लगाम लगती नजर आ रही है।  तीन तलाक का मुद्दा केंद्र ने उठाया हो लेकिन मुस्लिम  महिला-लगातार अपने पति द्वारा कहे तीन तलाक का शिकार होकर बेघर हो रही है।


मामला मथुरा के थाना गोविन्द नगर इलाके का है पीड़िता मथुरा पुलिस से  न्याय की गुहार लगाने के लिए पुलिस प्रशासन की चौखट पर पहुंची है।  विवाहिता रेशमा पति आमीन-दरअसल महिला का नाम रेशमा है और इसकी शादी  6 साल पहले मथुरा से सिंगार गांव  हरियाणा में हुई थी। पीड़ित रेशमा पर दो बच्चे भी है, और पति  ने तीन तलाक  कह कर इसे घर से बेघर कर-दिया है। पीड़ित महिला ने बताया पति मुझे करीब दो महीने से घर वालो से पैसे लेकर देने की  डिमांड करता चला आ रहा है, और इससे पहले  भी दहेज के नाम पर कई बार मांग कर चुका है लेकिन मेरे पिता बहुत गरीब है।  मैं पैसे नहीं दे सकी और तीन बार तलाक कहकर मुझे  ( पीड़ित रेशमा)  को घर से बहार निकाल दिया है और अब अपने पिता के साथ न्याय के लिए मथुरा पुलिस की चौखट पर गुहार लगा रही है।


वहीं मौलाना का यह दावा है कि कहीं भी किसी कुरान या और किताबों में ऐसा-नहीं लिखा है कि तीन बार तलाक  कह कर किसी भी महिला को उसका पति तलाक नहीं दे सकता।  तलाक के लिए पति पत्नी को एक साथ 3 महीने या अधिक 3  साल साथ रहना पड़ता है यह सब गलत है।

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