किसान की पीठ पर सवार हुआ यूपी का बहादुर दरोगा, वीडियों में देखें क्या है पूरा मामला

मुंह से ठायं-ठायं करने वाली यूपी की बहादुर पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है…. जिसने पुलिस की बची-खुची साख पर भी बड़ी तबियत से बट्टा लगाने का काम किया है…. जी हां… भले ही सूबे के पुलिस मुखिया खाकी को मित्र पुलिस बनाने का दंभ भर रहे हो…. सीनियर सिटीजन को थाने में बुलाकर सम्मान दिलवा रहे हो… लेकिन मुदाराबाद में एक दरोगा की करतूत ने पूरे महकमे को शर्मसार होने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है। मामला मुरादाबाद का है… जहां दरोगा दारोगा ने डांट फटकार लगाकर ग्रामीण को जबरन नदी में घुसा दिया और खुद उसके कंधों पर बैठकर नदी पार की। वो भी सिर्फ इसलिए… क्योंकि दरोगा के पैर नदी के पानी में पड़ते तो उनके जूते गिले हो जाते…. मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना का लाइव वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है…..

देखे वीडियो // https://youtu.be/APuJkHRFivY

दरअसल… मुरादाबाद के मूंढापांडे थाने की चौकी रोंडा झौंडा पर तैनात उपनिरीक्षक नरेश कुमार को लालटीकर गांव से राम सिंह की पशुशाला से दो बैल चोरी की विवेचना दी गई थीं। नरेश कुमार विवेचना करने के लिए गांव के लिए निकल गए। लालटीकर गांव में जाने के लिए चकफेरी गांव के समीप बिना पुल की एक नदी को पार करना पड़ता है। लोग नाव में बैठकर नदी पार करते हैं। नाविक के मौके पर मौजूद नहीं होने की वजह से दारोगा ने गांव निवासी समी पुत्र मुस्तकीम को जबरन नदी के पानी में घुसा दिया और साथ ही खुद समी के कंधे पर सवार हो गया। समी ने दारोगा को नदी पार करा दी। हद तो तब हो गई, जब दरोगा ने दोबारा लौटने तक भी समी को नदी के किनारे बैठने का फरमान सुना दिया। बेचारा समी दारोगा के विवेचना कर लौट आने तक नदी के किनारे बैठा रहा। दारोगा को नदी पार कराने के बाद ही समी वापस घर लौटा। दरोगा को पीठ पर लेजाने वाले शमी ने बताया कि वो गांव में ही दुकान करता है और उसी नाव में सवार था और दारोगा को पीठ पर इसलिए बैठाया की उनके जूते भीग जाते।

दारोगा के समी के कंधों पर बैठकर नदी पार करने ने दौरान एक ग्रामीण ने मोबाइल से वीडियो बना ली और फिर उसे वायरल कर दी। वीडियो वायरल होने से दारोगा की करतूत से खाकी को शर्मसार होना पड़ रहा है। मामला संज्ञान में आते ही एसएसपी ने जांच सीओ हाईवे को सौंप दी। सीओ ने जांच में पूरा मामला सत्य पाया, जिसके बाद उन्होंने रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है।

किरकिरी होने के बाद अब दरोगा नरेश कुमार सामने नहीं आ रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि दरोगा जी अब ये कहते हुए घूम रहे हैं कि उनके पैर में चोट लगी थी। ग्रामीण के आग्रह पर ही वो उसकी पीठ पर सवार हुए थे। आपको ये भी बता दें कि पीड़ित ग्रामीण रामसिंह ने बैल चोरी की नामजद शिकायत दर्ज कराई हुई है। नामजद आरोपी रामपुर जिले के लालटीकर गांव के रहने वाले है।

बहरहाल… वीडियो वारयल होने के बाद पुलिस महकमे में बड़ी किरकिरी हो रही है। अब देखने वाली बात ये होगी कि ग्रामीण की पीठ पर पिशाच बेताल की तरफ सवार होने वाले दरोगा नरेश कुमार पर कब तक कार्रवाई हो पाती है।

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