मनरेगा में मजदूर है पिता, बेटे ने पास किया NEET,गांव से 20 KM दूर है स्कूल

राजस्थान के एक स्टूडेंट ने अपनी मेहनत और अथक प्रयास से NEET की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है. हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने NEET के नतीजे जारी किए थे, जिसमें करीब 7 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की थी. पास होने वाले इन लाखों उम्मीदवारों में कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने भले ही टॉप ना किया हो, लेकिन उनकी कहानी काफी प्रेरणादायक है. उन लोगों में एक नाम है राजस्थान के कृष्ण कुमार का भी शामिल है जिसने NEET में सफलता हासिल की है.

उनके माता-पिता ने कहा कि वे चाहते थे कि वे जीवन में जिन दुखों का सामना कर रहे थे, उनसे बाहर निकलें. उनके पिता मुन्ना लाल ने कहा, "मेरे लंबे समय से प्रतीक्षित सपना सच हो गया है, मुझे गर्व है कि मेरा बेटा मेरे पंचायत में पहला डॉक्टर होगा, मैंने अपना पेट काटकर भूखे रहकर बेटे को पढ़ाई है. लेकिन मुझे विश्वास था मेरा बेटा जरूर सफल होगा. " कुमार की मां अशिक्षित है.

लेकिन यह उनके माता-पिता का दृढ़ विश्वास था, जिससे उन्होंने सफलता प्राप्त की, लगातार दो प्रयासों में विफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी.  इसके बावजूद उनके माता-पिता ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित और प्रेरित किया. कुमार ने अपने गांव से लगभग 20 किमी दूर एक हिंदी माध्यम सरकारी स्कूल से अपनी12वीं की शिक्षा पूरी की.

कृष्ण कुमार अब डॉक्टर बनना चाहते हैं और अगर वे डॉक्टर बनने में सफल होते हैं तो अपनी ग्राम पंचायत के पहले डॉक्टर होंगे. साथ ही कृष्ण कुमार अपने जिले में एनईईटी परीक्षा पास करने वाले इकलौते उम्मीदवार हैं. कृष्ण कुमार के माता-पिता मनरेगा मजदूर के रूप में काम करते हैं और मुश्किलों में से अपना जीवनयापन करते हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार कृष्ण कुमार ने अपने गांव में केरोसिन लैंप से अपनी पढ़ाई करते कई रातें बिताई, उनके पास आधुनिक लैंप खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे. बता दें कि हाल ही में आयोजित NEET एग्जाम में आल इंडिया 3,099 रैंक हासिल की है. उन्होंने कहा कि वह ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं को विकसित करने में योगदान देना चाहते हैं,

 

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